North Bengal Landslide: उत्तर बंगाल और पहाड़ी इलाकों में मानसून की भारी बारिश आफत बनकर बरस रही है। कल रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश के चलते गुरुवार सुबह सिलीगुड़ी के पास एक बड़ा हादसा हो गया। प्रसिद्ध सेवोक काली मंदिर और कोरोनेशन ब्रिज के ठीक पहले भीषण भूस्खलन ने से पूरा राष्ट्रीय राजमार्ग मलबे में तब्दील हो गया है। पहाड़ों से टूटकर गिरे पत्थरों और बोल्डरों ने सड़क को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया है। यह रूट सिक्किम और कलिम्पोंग को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाली एकमात्र मुख्य जीवन रेखा है, जिसके बंद होने से दोनों पहाड़ी क्षेत्रों का सिलीगुड़ी से संपर्क पूरी तरह कट गया है।
सिलीगुड़ी के पास गिरा पहाड़ों का मलबा (सांकेतिक चित्र)
सैकड़ों पर्यटक पहाड़ों के बीच फंसे
आज सुबह तड़के जब सिक्किम और कलिम्पोंग से बड़ी संख्या में पर्यटक और स्थानीय लोग सिलीगुड़ी के लिए रवाना हुए, तो वे इस मार्ग पर बीच में ही फंस गए। कोरोनेशन ब्रिज के ठीक पहले यह लैंडस्लाइड होने की वजह से वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। चूंकि इस मार्ग के अलावा तत्काल कोई सीधा वैकल्पिक रास्ता सुलभ नहीं है, इसलिए जब तक मलबे को पूरी तरह हटा नहीं लिया जाता, तब तक इस रास्ते पर गाड़ियों की आवाजाही नामुमकिन बनी हुई है। पहाड़ों के बीच फंसे कई पर्यटकों ने बताया कि रात भर हुई बारिश के कारण अचानक पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा भरभरा कर सड़क पर आ गिरा। गनीमत यह रही कि मलबे की चपेट में कोई वाहन नहीं आया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
युद्ध स्तर पर शुरू हुआ मलबा हटाने का काम
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन, संबंधित विभाग की तकनीकी टीमें भारी मशीनों के साथ मौके पर पहुंच चुकी हैं। हाईवे की संवेदनशीलता को देखते हुए पत्थरों को तोड़ने और मलबे को साफ करने का काम युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है। पहाड़ी रास्तों पर लगातार पत्थरों के गिरने का खतरा बना हुआ है। जब तक सड़क पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाती और मलबे को हटा नहीं लिया जाता, तब तक सिलीगुड़ी से सिक्किम या कलिम्पोंग की ओर यात्रा न करने की सलाह दी गई है। स्थानीय प्रशासन फंसे हुए पर्यटकों को बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।
