Jewar Airport News: जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कमर्शियल उड़ानें दिसंबर में शुरू हो सकती हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुख्य सलाहकार और वरिष्ठ IAS अधिकारी अवनीश अवस्थी ने यह जानकारी शुक्रवार को दी। उन्होंने कहा कि एशिया का सबसे बड़ा नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा दिसंबर में परिचालन शुरू कर सकता है।
दिसंबर महीने में जेवर एयरपोर्ट से शुरू होंगी कमर्शियल फ्लाइट्स (सांकेतिक तस्वीर)
IGI एयरपोर्ट का बोझ होगा कम
इस एयरपोर्ट के खुलने से दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों के लिए हवाई यातायात सुगम हो जाएगा। साथ ही दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यातायात का बोझ कम होगा। इससे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में हवाई संपर्क को बढ़ावा मिलेगा। इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कहा था कि इस साल के अंत से पहले व्यावसायिक उड़ानें शुरू हो जाएंगी।
चार चरणों में हो रहा काम
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण चार चरणों में किया जा रहा है। पहले चरण में, एक रनवे और एक यात्री टर्मिनल का निर्माण पूरा हो चुका है, जिसकी सालाना क्षमता 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की है। टेक्निकल इंस्टॉलेशन, फिनिशिंग टच और डीप क्लिनिंग जैसे प्रमुख कार्य वर्तमान में नोएडा एयरपोर्ट पर चल रहे हैं।
उड़ानें शुरू होने के बाद सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक ऑपरेशनल रेडीनेस एंड एयरपोर्ट ट्रांसफर (ओआरएटी) कार्यक्रम भी प्रगति पर है। अधिकारियों ने बताया कि निर्माण और तैयारी की जांच पूरी होने के बाद, नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) एयरपोर्ट को लाइसेंस जारी करेगा।
इस नियामक मंजूरी के बाद ही कमर्शियल ऑपरेशन शुरू हो सकेगा।
कोहरे में भी नहीं रुकेंगी उड़ानें
एयरपोर्ट के रनवे को कैट-III मानकों के अनुरूप डिजाइन किया गया है, जिसका मतलब है कि यह सर्दियों के कोहरे जैसी परिस्थितियों में भी उड़ानों को संचालित करने में सक्षम होगा जो उत्तर भारत के यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (एनआईएएल) ने पहले ही इंडिगो को अपने लॉन्च वाहक के रूप में पुष्टि कर दी है। अकासा एयर ने भी जेवर से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों उड़ानें संचालित करने की योजना की घोषणा की है, जबकि कई अन्य अंतरराष्ट्रीय वाहकों के साथ बातचीत चल रही है।
2050 तक पूरा होने के बाद, एयरपोर्ट में छह रनवे होंगे और यह भारत का सबसे बड़ा विमानन केंद्र बन जाएगा, जिससे यात्री आवागमन और कार्गो क्षमता दोनों में वृद्धि होगी। यह एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बदलने और उत्तर प्रदेश में व्यापार, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा देने के लिए तैयार है।
(इनपुट-आईएएनएस)
