Noida News: गंगनहर की वार्षिक सफाई के कारण आगामी 21 अक्टूबर से नोएडा में गंगाजल की आपूर्ति करीब 25 दिनों तक पूरी तरह बंद रहेगी। गाजियाबाद के रास्ते नोएडा आने वाले गंगाजल के ठप होने से शहर के कई इलाकों में पेयजल की उपलब्धता प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि, इस आसन्न जल संकट से निपटने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने अभी से वैकल्पिक इंतजामों पर काम शुरू कर दिया है।
21 अक्टूबर से ठप रहेगी गंगाजल आपूर्ति
नलकूप और रेनीवेल बनेंगे राहत का जरिया
गंगाजल की सप्लाई बंद रहने के दौरान शहरवासियों को पेयजल की किल्लत से बचाने के लिए प्राधिकरण के जल विभाग ने कमर कस ली है। जल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, वैकल्पिक व्यवस्था के तहत शहर के नलकूपों और रेनीवेल की मरम्मत और रखरखाव का काम तेजी से किया जा रहा है। अगले 12 दिनों के भीतर सभी खराब नलकूपों को पूरी तरह दुरुस्त कर लिया जाएगा। प्राधिकरण के महाप्रबंधक (GM) आरपी सिंह ने बताया कि इस बार पिछले वर्ष की तुलना में 40 ज्यादा नलकूप तैयार रखे गए हैं। रेनीवेल के जरिए भी 100 मिलियन लीटर प्रतिदिन (MLD) से अधिक पानी उपलब्ध कराने की योजना है, ताकि आपूर्ति को सुचारू बनाए रखा जा सके।
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कुछ इलाकों में पानी की कमी की आशंका, टैंकरों से होगी आपूर्ति
भले ही प्राधिकरण अपनी पूरी क्षमता से नलकूपों और रेनीवेल को संचालित करने का दावा कर रहा हो, लेकिन जानकारों का मानना है कि गंगाजल की आपूर्ति बंद होने से पानी के दबाव और गुणवत्ता दोनों पर असर पड़ सकता है। जिन सेक्टरों या ऊंची इमारतों में पानी का संकट गहराएगा, वहां जरूरत के मुताबिक वाटर टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाया जाएगा। प्राधिकरण के सामने यह बड़ी चुनौती होगी कि वह सफाई की इस अवधि के दौरान शहर के हर कोने में सुचारू रूप से पानी पहुंचाए और किसी भी इलाके में लंबे समय तक पेयजल संकट न बनने दे।
