बिहार की राजनीति में नई पीढ़ी की एंट्री होने जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार अब सक्रिय राजनीति में कदम रखने जा रहे हैं। वे पश्चिमी चंपारण से अपनी राजनीति पारी शुरू करने जा रहे हैं। रविवार को वाल्मीकिनगर से उनकी सद्भाव यात्रा की शुरुआत होगी। इस मौके को खास बनाने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने भव्य स्वागत की तैयारियां की हैं। इस यात्रा का मकसद सामाजिक सद्भाव को मजबूत करना और बिहार के विकास के संकल्प को नई दिशा देना है।
नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार (फाइल फोटो)
जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार के अनुसार, यह यात्रा केवल राजनीतिक शुरुआत नहीं है, बल्कि जनता से सीधे जुड़ने का प्रयास भी है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने त्याग और नैतिकता की राजनीति की मिसाल पेश की है और अब निशांत कुमार उसी राह पर आगे बढ़ते हुए जनसंवाद और जनसंपर्क को प्राथमिकता दे रहे हैं।
निशांत यात्रा में हर वर्ग के लोगों से करेंगे संवाद
नीरज कुमार ने बताया कि यह यात्रा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व वाले क्षेत्रों से होते हुए गुजरेगी। सम्राट अशोक की धरती से लेकर महर्षि वाल्मीकि की पावन भूमि चंपारण तक यह याभा पहुंचेगी। इस यात्रा के दौरान निशांत कुमार समाज के हर वर्ग से मिलेंगे और उनसे संवाद करेंगे। वे ‘लव-कुश’ की धरती को नमन करते हुए पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं से आशीर्वाद लेंगे और नए कार्यकर्ताओं को संगठन से जोड़ने का प्रयास करेंगे।
जदयू के क्यों महत्वपूर्ण है वाल्मीकिनगर
पश्चिमी चंपारण का वाल्मीकिनगर जदयू के लिए हमेशा से एक अहम राजनीतिक केंद्र रहा है। बिहार के पूर्व मंत्री नीतीश कुमार ने भी अपनी कई महत्वपूर्ण यात्राओं की शुरुआत इसी क्षेत्र से की थी। अब उनके बेटे निशांत कुमार भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए यहीं से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत कर रहे हैं।
निशांत सड़क मार्ग से पहुंचेंगे बेतिया
बताया जा रहा है कि निशांत कुमार सड़क मार्ग से बेतिया पहुंचेंगे और फिर वाल्मीकिनगर के लिए रवाना होंगे। उनके स्वागत के लिए कई जगहों पर तैयारियां की गई हैं, जिनमें जौकटिया चौक, हरिवाटिका चौक, नंदनगढ़ लौरिया, चौंतरवा, गांधीनगर चौक और बगहा क्षेत्र शामिल हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं में इस कार्यक्रम को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है। इसे बिहार की राजनीति में एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
