दिल्ली पर घटेगा बोझ: NCR में बनेंगे 4 हाईटेक 'नमो शहर', प्रदूषण रोकने के लिए चलेगी 'परिवर्तन' एक्सप्रेस!

साल 2041 तक दिल्ली-NCR की आबादी दोगुनी यानी 14.73 करोड़ होने का अनुमान है। इस बीच एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है। दिल्ली पर बोझ को कम करने के लिए नमो भारत रूट पर 4 हाईटेक 'नमो शहर' बसाए जाएंगे। साथ ही, प्रदूषण रोकने के लिए पुरानी गाड़ियों को 'परिवर्तन' स्कीम से बदला जाएगा।

अगले 15 सालों में दिल्ली-NCR की आबादी लगभग दोगुनी होकर 14.73 करोड़ पहुंचने का अनुमान है। इस विशाल आबादी के दबाव से दिल्ली का दम घुटने से बचाने के लिए 'नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड' (NCRPB) ने एक मास्टर प्लान तैयार किया है। मंगलवार को केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में बोर्ड में अपनी 42वीं बैठक की। जिसमें तय किया गया है कि दिल्ली के बाहर आबादी को सही ढंग से बसाने के लिए 4 नए सेमी-ग्रीनफील्ड शहर बसाए जाएंगे। ये हाईटेक शहर ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) मॉडल पर आधारित होंगे, जिन्हें 'नमो शहर' (Namo Cities) नाम दिया गया है। क्षेत्रीय योजना के तहत 'नमो भारत' (RRTS) ट्रेन रूट के चुनिंदा स्टेशनों के पास इन 4 नए आधुनिक शहरों को बसाने का प्रस्ताव है।

Namo city

दिल्ली के बाहर क्यों बसाए जा रहे हैं 'नमो शहर'?

वर्तमान में एनसीआर (NCR) दुनिया का सबसे बड़ा शहरी इलाका है, जिसकी मौजूदा आबादी लगभग 7.86 करोड़ है। रीजनल प्लान-2041 के आंकड़ों के मुताबिक, अगले 15 साल में यहां करीब 7 करोड़ नए निवासी और जुड़ जाएंगे यानी कुल आबादी बढ़कर 14.73 करोड़ हो जाएगी। लेकिन बढ़ती आबादी के साथ ही एक अहम फैसला यह लिया गया है कि एनसीआर के दायरे को फिलहाल वैसा ही रखा जाएगा, यानी इसके भौगोलिक क्षेत्र में कोई बदलाव नहीं होगा। ऐसे में इस क्षेत्र में दबाव काफी बढ़ जाएगा। इस बढ़ती भीड़ को दिल्ली के मुख्य इलाकों में आने से रोकने के लिए इन 4 'नमो शहरों' को मैग्नेट यानी आकर्षण केंद्र की तरह विकसित किया जाएगा।

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