भोजशाला-कमल मौला मस्जिद परिसर में अदा की गई जुमे की नमाज; इलाके में शांति कायम, चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात

हिंदू समुदाय भोजशाला को देवी सरस्वती का मंदिर मानता है, जबकि मुसलमान इस 11वीं शताब्दी के स्मारक को कमल मौला मस्जिद कहते हैं। यह परिसर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा संरक्षित है।

धार जिले के विवादित भोजशाला-कमल मौला मस्जिद परिसर में निर्धारित स्थान पर शांति पूर्वक जुमे की नमाज अदा की गई। जिसके बाद जिला प्रशासन ने चैन की सांस ली। जिला प्रशासन द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि योजना के अनुसार और बिना किसी बाधा के भोजशाला-कमल मौला मस्जिद परिसर में मुस्लिम समाज के लोगों ने नमाज अदा की। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, मुस्लिम समुदाय द्वारा नमाज अदा करने के लिए दोपहर 1 बजे से 3 बजे का समय तय किया गया था।

भोजशाला-कमल मौला मस्जिद परिसर में अदा की गई नमाज।

भोजशाला-कमल मौला मस्जिद परिसर में अदा की गई नमाज।

सरस्वती पूजा और जुमे की नमाज साथ-साथ

धार जिला प्रशासन ने दोपहर करीब 3.30 बजे नमाज को लेकर अपना बयान जारी किया। इसमें कहा गया है कि हिंदू परिसर के भीतर बसंत पंचमी की पूजा कर रहे थे, जबकि मुस्लिम समुदाय एक निर्धारित स्थान पर नमाज अदा कर रहा था। इससे पहले, धार पुलिस मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों को 'वज्र' वाहन में भारी सुरक्षा के बीच परिसर तक लाई थी। जिसके बाद करीब आधे घंटे तक नमाज अदा करने के बाद उन्हें वापस ले जाया गया। इस दौरान परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल और जिला प्रशासन के अधिकारी तैनात रहे। इससे पहले अधिकारियों ने मस्जिद परिसर को टेंट से ढक दिया था। वहीं, कलेक्टर प्रियांक मिश्र ने आम जनता से भी अपील की थी कि इस संबंध में किसी तरह की कोई अफवाह न फैलाएं।

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