Mumbai Local Trains: मध्य रेलवे ने मुंबई उपनगरीय नेटवर्क की सभी लोकल ट्रेनों में सिग्नल लोकेशन अनाउंसमेंट सिस्टम (SILAS) को अपग्रेड किया है, ताकि मोटरमैन को सुरक्षित और त्रुटिरहित संचालन में सहायता मिल सके। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। GPS आधारित यह सिस्टम एक इलेक्ट्रॉनिक को-पायलट की तरह काम करता है। यह आने वाले सिग्नलों की संख्या और उनकी स्थिति की घोषणा करता है, जैसे कि सिग्नल बाईं ओर, अत्यधिक बाईं ओर, दाईं ओर या अत्यधिक दाईं ओर स्थित है।
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सेंट्रल रेलवे के उपनगरीय नेटवर्क पर प्रतिदिन 2,300 से अधिक लोकल ट्रेन सेवाएं स्वचालित सिग्नलिंग प्रणाली के तहत संचालित होती हैं। अधिकांश सिग्नल केवल 400-500 मीटर की दूरी पर होने के कारण मोटरमैन को भारी परिचालन दबाव में काम करना पड़ता है।
मोटरमैन कर रहे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में जॉब
सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला ने कहा कि मुंबई उपनगरीय नेटवर्क के मोटरमैन बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में 'सिंगल-मैन जॉब' करते हैं।
उन्होंने कहा, 'SILAS को इलेक्ट्रॉनिक को-पायलट के रूप में अपग्रेड किया जा रहा है, जिससे तनाव कम होगा और सुरक्षा बढ़ेगी, क्योंकि इससे कोई भी सिग्नल छूटने की संभावना नहीं रहेगी।' उन्होंने इसे उपनगरीय परिचालन में 'जीरो SPAD' (Signal Passed at Danger) लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
अपग्रेडेड SILAS किसी सिग्नल के आने से 350 मीटर और 250 मीटर पहले ऑडियो अलर्ट देता है। यदि सिग्नल पीला होता है, तो सिस्टम बार-बार 'सावधान रहें, अगला सिग्नल लाल है' की घोषणा करता रहता है, जब तक अगला हरा या डबल-पीला सिग्नल दिखाई नहीं देता।
इस सिस्टम में प्रत्येक रूट के लिए GPS निर्देशांक, सिग्नल लोकेशन और ऑडियो रिकॉर्डिंग पहले से लोड रहती हैं। यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेन मैनेजर उपयुक्त लाइन, जैसे अप या डाउन लोकल और थ्रू लाइन का चयन करता है।
अधिकारियों ने बताया कि SILAS को इस तरह भी विकसित किया जा रहा है कि वह ट्रेन के स्टेशन पहुंचने से 500 मीटर और 250 मीटर पहले अगले ठहराव स्टेशन की घोषणा कर सके।
यह अपग्रेडेड सिस्टम पीले सिग्नल, प्लेटफॉर्म एंट्री, स्थायी गति प्रतिबंध और न्यूट्रल सेक्शन जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर मोटरमैन की ड्राइविंग शैली और तत्काल गति की निगरानी कर उसका विश्लेषण करने में भी मदद करेगा। इसके अलावा, यह सिस्टम EMU ट्रेनों की रियल-टाइम ट्रैकिंग और गति की निगरानी भी संभव बनाएगा, जिससे परिचालन नियंत्रण और बेहतर होगा।
