इंदौर दूषित पानी मामले में मध्य प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट में मानी 7 मौतें, बीमारी का जिक्र नहीं

मध्य प्रदेश सरकार ने गुरुवार को हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में बताया कि शहर के भगीरथपुरा इलाके में उल्टी-दस्त के प्रकोप के दौरान सात लोगों की मौत हुई है। हालांकि सरकार की ओर से दाखिल की गई स्थिति रिपोर्ट में मौतों की वजह बनी बीमारी को स्पष्ट नहीं किया गया है।

Indore Water Contamination: मध्य प्रदेश सरकार ने गुरुवार को हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में स्वीकार किया कि शहर के भगीरथपुरा इलाके में उल्टी-दस्त के प्रकोप के दौरान सात लोगों की मौत हुई है। मृतकों में एक पांच महीने का शिशु भी शामिल है। हालांकि सरकार की ओर से दाखिल की गई स्थिति रिपोर्ट में मौतों की वजह बनी बीमारी को स्पष्ट नहीं किया गया है।

indore water contamination high court

भगीरथपुरा के दूषित पानी और रोते परिजनों की फाइल फोटो (PTI)

158 पन्नों की रिपोर्ट, बीमारी स्पष्ट नहीं

न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की खंडपीठ के समक्ष 158 पृष्ठों की स्थिति रिपोर्ट पेश की गई। यह रिपोर्ट दूषित पेयजल से कथित मौतों को लेकर दायर कई जनहित याचिकाओं की सुनवाई के दौरान दाखिल की गई। रिपोर्ट के अनुसार, 28 दिसंबर से 12 जनवरी के बीच सात लोगों की मौत हुई। इनमें चार की मौत इलाज के दौरान हुई, जबकि एक व्यक्ति अस्पताल लाए जाने से पहले ही मृत पाया गया। दो मामलों में मौत का कारण 'अज्ञात' बताया गया है।

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