MP में आज का मौसम (10 Jan 2026): मध्य प्रदेश में ठंड से लोग बेहाल हैं। सर्द हवाओं के कारण दिनभर गलन का एहसास हो रहा है। सबसे ज्यादा ठंड का असर ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के जिलों में है। सुबह के समय राज्य के अधिकतर जिलों में घना कोहरा भी छा रहा है। जिस कारण सड़कों पर गाड़ियों से लेकर पैदल चलने वाले लोगों को भी परेशानी हो रही है। आज सुबह भी एमपी के 15 से ज्यादा जिलों में घना कोहरा छाया रहा। साथ ही दतिया, छतरपुर, निवाड़ी और टीकमगढ़ में कोल्ड डे का अलर्ट भी जारी किया गया है।
सांकेतिक फोटो (istock)
मध्य प्रदेश में बर्फीली हवाओं से बढ़ी ठंड
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर से बर्फिली हवाएं आ रही हैं। जिस कारण मध्य प्रदेश में ठंड का असर बढ़ गया है। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया समेत कई जिलों में कोल्ड डे की स्थिति देखने को मिल रही है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और उज्जैन में भी लोगों को खूब ठंड सता रही है। रात ही नहीं बल्कि दिन में भी सर्दी से राहत नहीं मिल रही है। अगले दो दिन तक ऐसा ही मौसम बने रहने की संभावना जताई जा रही है।
MP के इन जिलों में रहा घना कोहरा
आईएमडी के अनुसार आज सुबह ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, मऊगंज, पन्ना, सतना, श्योपुर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, सीधी और सिंगरौली में घना कोहरा देखने को मिला। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, विदिशा, रायसेन, शाजापुर समेत कई अन्य इलाकों में भी मध्यम से घना कोहरा छाया रहा।
MP में सबसे कम न्यूनतम तापमान वाले शहर
| शहर | न्यूनतम तापमान |
| खजुराहो | 3.4 डिग्री |
| दतिया | 3.9 डिग्री |
| शिवपुरी | 4 डिग्री |
| राजगढ़ | 5 डिग्री |
| ग्वालियर | 5 डिग्री |
| पचमढ़ी | 5.8 डिग्री |
MP में इन शहरों में रहा सबसे ठंडा दिन
| शहर | अधिकतम तापमान |
| ग्वालियर | 10.4 डिग्री |
| दतिया | 11.6 डिग्री |
| पृथ्वीपुर | 12.9 डिग्री |
| नौगांव | 14.5 डिग्री |
| खजुराहो | 14.7 डिग्री |
ग्वालियर में रहा सबसे ठंडा दिन
एमपी में पिछले 24 घंटों में सबसे ठंडा शहर खजुराहो रहा, जहां का न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जिसके बाद दतिया में सबसे कम न्यूनतम तापमान 3.9 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को सबसे ठंडा दिन ग्वालियर में रहा। यहां पर सबसे कम अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। ग्वालियर का अधिकतम पारा 10.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। जिसके बाद दतिया में 11.6 डिग्री सेल्सियस पारा रहा।
