Himachal Pradesh News: पूरे देश में इन दिनों मानसून का दौर जारी है। कहीं राहत बनकर बादल बरस रहे हैं तो कहीं भारी बारिश का कहर देखने को मिल रहा है। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से एक ऐसी ही रोंगटे खड़े कर देने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां जरा सी चूक भी जान पर भारी पड़ सकती है। भरमौर क्षेत्र में स्थित बन्नी माता नाला इन दिनों उफान पर है, और स्थानीय लोगों को इसे पार करना किसी खतरे से कम नहीं लगता। सबसे ज्यादा जोखिम उन बच्चों के लिए है जिन्हें इस उफनते नाले को पार कर स्कूल जाना पड़ता है। बारिश के चलते नाले का जलस्तर इतना बढ़ गया है कि बच्चे अकेले पार नहीं कर सकते। ऐसे में उनके अभिभावकों को उन्हें अपनी पीठ पर उठाकर इस खतरनाक रास्ते से गुजरना पड़ता है।
प्रशासन और सरकार ने अनसुनी की मांग
हल्की-सी बारिश भी हिमाचल के चंबा जिले में मौजूद बन्नी और भदरा गांव के लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन जाती है, खासकर स्कूली बच्चों के लिए। इन गांवों से हर रोज दो दर्जन से अधिक बच्चे मांधा स्थित सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल पढ़ने जाते हैं। लेकिन रास्ते में बहता बन्नी माता नाला उनकी सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है। स्थानीय जानकारी के अनुसार, कुछ साल पहले यहां एक पुल मौजूद था, जो भारी बारिश के दौरान नाले के उफान में बह गया था। इसके बाद आज तक उस पुल का दोबारा निर्माण नहीं हो पाया। ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन और सरकार से नाले पर पुल बनाने की मांग की, लेकिन हर बार उनकी आवाज अनसुनी रह गई।
जान जोखिम में डाल रहे ग्रामीण
बीते दिनों नाले में अचानक पानी का बहाव तेज हो गया, जिससे बच्चों को स्कूल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को उन्हें पीठ पर उठाकर नाला पार करवाना पड़ा। सिर्फ बच्चे ही नहीं, गांव की महिलाएं भी दवाइयां या जरूरी सामान लाने के लिए ढकोग की ओर जाते समय एक-दूसरे का हाथ थामकर जान जोखिम में डालती हैं और उफनते नाले को पार करती हैं। यह रास्ता इतना खतरनाक है कि एक छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। पहले भी इस नाले में अचानक जलस्तर बढ़ने से कई बार जानलेवा घटनाएं होते-होते टली हैं। कुछ समय पहले एक स्कूली बच्ची पानी के तेज बहाव में बह गई थी, जिसे बड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने सुरक्षित निकाला था।
