Monsoon 2026: मानसून की सक्रियता से देश के कई राज्यों में बारिश का दौर तेज बना हुआ है। राजस्थान में पिछले 24 घंटे के दौरान कई इलाकों में भारी से अति भारी बारिश दर्ज की गई, जबकि आने वाले दिनों में भी तेज बारिश का अनुमान है। वहीं, असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है और मृतकों की संख्या 101 तक पहुंच गई है। पश्चिम बंगाल में भी बंगाल की खाड़ी में बन रहे कम दबाव के क्षेत्र के कारण भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में बारिश के साथ तेज हवाओं को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मानसून की सक्रियता के चलते राजस्थान में पिछले 24 घंटे के दौरान कई स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश हुई और मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के दौरान भी कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। IMD के जयपुर केंद्र के अनुसार, कम दबाव का क्षेत्र मंगलवार को भी मध्य प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों के ऊपर बना हुआ है। इसने कहा कि मानसून की ट्रफ लाइन भी मंगलवार को बीकानेर और कम दबाव के क्षेत्र से होकर गुजर रही है जिसके प्रभाव से पिछले 24 घंटे के दौरान झालावाड़ जिले में अत्यंत भारी बारिश, जबकि बूंदी और कोटा जिलों में अति भारी बारिश दर्ज की गई।
मानसून की मार बरकरार (AI Image)
12 अगस्त को कहीं-कहीं भारी बारिश होने का अनुमान
मौसम विभाग ने कहा कि बांसवाड़ा और डीडवाना जिलों में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई। इसने कहा कि इस दौरान सबसे अधिक 300 मिलीमीटर बारिश झालावाड़ जिले के सुनेल में दर्ज की गई। जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर, जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में 12 अगस्त को भी मध्यम से कहीं-कहीं भारी बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में कुछ स्थानों पर भारी तथा एक-दो स्थानों पर अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, 13 अगस्त से भारी बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। हालांकि, राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और पूर्वी राजस्थान में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इसने बताया कि जोधपुर, उदयपुर और अजमेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में 14 अगस्त से बारिश की गतिविधियों में कमी आने का अनुमान है। हालांकि, उत्तर-पश्चिमी, उत्तरी और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में मध्यम बारिश हो सकती है। इसी तरह 15 अगस्त से राज्य के उत्तरी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों को छोड़कर अधिकांश क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।
असम में मृतकों की संख्या हुई 101
असम में बाढ़ की स्थिति सोमवार को भी गंभीर बनी रही और एक और व्यक्ति की मौत के साथ इस साल बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 101 हो गई। वहीं, 1.26 लाख से अधिक लोग अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की बुलेटिन के अनुसार, रविवार रात से एकमात्र मौत शिवसागर जिले के अमगुरी राजस्व मंडल में हुई। इसके साथ ही इस साल बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 101 हो गई है। बाढ़ संबंधी रिपोर्ट के अनुसार, चराइदेव, दरांग, गोलाघाट, जोरहाट, कार्बी आंगलोंग, नगांव और शिवसागर जिलों में 1,26,431 लोग प्रभावित हुए हैं। गोलाघाट सबसे अधिक प्रभावित जिला है, जहां 71,000 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। इसके बाद शिवसागर में 21,000 से अधिक और जोरहाट में 13,000 से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं। रविवार को राज्य के सात जिलों में 1.4 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित थे। एएसडीएमए ने बताया कि छह जिलों में प्रशासन 89 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र चला रहा है, जहां करीब 24,000 लोगों की देखभाल की जा रही है। प्राधिकरण के अनुसार, वर्तमान में 458 गांव बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं और राज्यभर में 11,287.04 हेक्टेयर फसल क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है। राज्य के विभिन्न जिलों में बाढ़ के पानी से तटबंधों, सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है।
दक्षिण बंगाल के कई जिलों में बहुत भारी बारिश की संभावना
बंगाल की खाड़ी के ऊपर बुधवार को कम दबाव का क्षेत्र बनने का पूर्वानुमान है, जिसके कारण अगले कुछ दिन में दक्षिण बंगाल के कई जिलों में बहुत भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने कहा कि इस मौसम प्रणाली के बनने के कारण बुधवार को तटीय जिलों उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, पूर्व मेदिनीपुर और पश्चिम मेदिनीपुर में बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, झाड़ग्राम, बांकुड़ा, पुरुलिया और पश्चिम बर्धमान समेत विभिन्न जिलों में 15 अगस्त तक भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने मछुआरों को 15 अगस्त तक पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटों के पास तथा समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। इस दौरान क्षेत्र में 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग के अधिकारियों ने कहा कि उत्तर बंगाल के इलाकों में 14 से 17 अगस्त के बीच फिर भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। इन इलाकों में पिछले सप्ताह भारी बारिश होने से लोगों को राहत मिली थी। मंगलवार को कोलकाता में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान जताया गया था। सोमवार रात को कोलकाता के उत्तरी हिस्सों में बहुत तेज बारिश हुई, जिससे कई प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गईं। इसके कारण मंगलवार सुबह भी कुछ इलाकों में यातायात धीमा रहा। आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर कोलकाता के दमदम में मंगलवार सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटे में 101 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि दक्षिण कोलकाता के अलीपुर में इस दौरान 62 मिलीमीटर बारिश हुई।
