Mansoon 2026 : दक्षिण-पश्चिम मानसून का लंबे समय से इंतजार अब खत्म होने वाला है। अभी तक दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के राज्यों में मॉनसूनी बारिश ने गर्मी और लू पर ब्रेक लगाया था, लेकिन अब उत्तर भारत में झमाझम बारिश के आसार बन रहे हैं। मौसम विभाग की मानें तो उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में करीब 10 दिन की देरी के साथ मॉनसून अगले कुछ घंटों में एंट्री ले सकता है। माना जा रहा है कि जुलाई की शुरुआत से देश के अधिकांश राज्यों में मॉनसून पहुंच जाएगा। आईएमडी ने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी से भरपूर पूर्वी हवाओं के कारण मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। ऐसे में 30 जून से उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां रफ्तार पकड़ सकती हैं। एक और दो जुलाई तक समूचे उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। अगर, तेज हवाओं के साथ बारिश होती है तो गर्मी से काफी राहत की उम्मीद है। मौसमी गतिविधियां होने से खरीफ की फसल की बुआई का इंतजार कर रहे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी, जिससे धान, मक्का और अन्य सीजनल फसलों की बुआई तेज होगी।
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अगले 2 दिन में कहां पहुंचेगा मॉनसून
अगले 2-3 दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पूरे दमन और दीव, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के बाकी हिस्सों, पूरे जम्मू-कश्मीर, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली और पंजाब के ज़्यादातर हिस्सों और राजस्थान के कुछ हिस्सों में और आगे बढ़ने के लिए हालात अनुकूल हैं।
यूपी में मॉनसून की दस्तक
उत्तर प्रदेश के मध्य भागों पर बारिश का सिलसिला शुरू हो चुका है। कानपुर में मंगलवार की सुबह अच्छी खासी बारिश से मौसम का मिजाज बदल गया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 30 जून से पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, बलिया, मऊ, आजमगढ़, गाजीपुर, वाराणसी, चंदौली और आसपास के जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। वहीं, एक जुलाई तक बारिश का दायरा बढ़ते हुए प्रयागराज, अयोध्या, सुल्तानपुर, रायबरेली, लखनऊ, कानपुर, फतेहपुर, उन्नाव और आसपास के मध्य यूपी तक पहुंचने की संभावना है। माना जा रहा है कि 2 जुलाई तक मानसून पूरे प्रदेश में सक्रिय हो जाएगा, जिससे पश्चिमी यूपी के मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बरेली, मुरादाबाद, अलीगढ़, आगरा, नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के क्षेत्रों सहित अधिकांश जिलों में भारी बारिश होने की उम्मीद है। इस दौरान तेज आंधी के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बन रहा सकता है। लिहाजा, खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें।
उत्तराखंड में मॉनसून की दस्तक
मौसम विभाग की मानें तो मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, मंडला (मध्य प्रदेश), डाल्टनगंज (झारखंड) और मोतिहारी (बिहार) से होकर गुजर रही है और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में इसके आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां बन रही हैं। ऐसे में मंगलवार को राज्य के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने या गरज के साथ बौछारें पड़ने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है। खासकर, पौड़ी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की आशंका के साथ येलो अलर्ट जारी किया गया है।
आईएमडी के अनुसार राज्य के सभी पहाड़ी जिलों में बिजली चमकने के साथ गरज के साथ बौछारें पड़ने, तेज बारिश होने और कुछ स्थानों पर 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। मैदानी इलाकों, विशेषकर हरिद्वार और उधमसिंह नगर जिलों के कुछ हिस्सों में भी आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है।
पिछले 24 घंटों में मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में सामान्य रहा । मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि अगले तीन से चार दिनों में उत्तराखंड में अधिकतम तापमान में चार से छह डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है।
दिल्ली-एनसीआर में बारिश का अलर्ट
मॉनसून का असर दिल्ली-एनसीआर में भी दिखाई दे सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम के बदले मिजाज का असर अब मैदानी इलाकों में भी दिखाई देने लगा है। आईएमडी के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार मंगलवार और बुधवार को दिल्ली-एनसीआर में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इन दोनों दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 30 जून को अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
एक जुलाई को गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं, जबकि दोपहर और शाम के समय तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। 2 जुलाई से मौसम में और सुधार देखने को मिल सकता है। इस दिन अधिकतम तापमान घटकर 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। 3 जुलाई और 4 जुलाई को भी बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी गतिविधियों के सक्रिय होने के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में हो रहे मौसम परिवर्तन का प्रभाव अब मैदानी इलाकों पर भी पड़ रहा है।
मुंबई में बारिश का अलर्ट
महाराष्ट्र और गुजरात में भी मॉनसून सक्रिय है। आईएमडी ने मंगलवार को मुंबई और उसके उपनगरों में भारी बारिश होने और आंधी तूफान की आशंका जताई है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, मुंबई में दिनभर आसमान में बादल छाए रहेंगे और कई स्थानों पर भारी बारिश तथा तेज हवाओं के साथ बिजली चमने की संभावना है। समुद्र में ऊंची लहरे उठने की संभावना है। इसके बाद मंगलवार रात 12:20 बजे 3.61 मीटर ऊंचा एक और ज्वार आएगा।
