Monsoon 2026: देश के कई राज्यों में मानसून की बारिश ने एक बार फिर मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हिमाचल प्रदेश से लेकर दिल्ली, असम, ओडिशा और केरल तक भारी बारिश का असर जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। हिमाचल में भूस्खलन और जलभराव के कारण सड़कों के बंद होने से यातायात प्रभावित है, जबकि दिल्ली में कई इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। असम में बाढ़ प्रभावित परिवारों के नुकसान का घर-घर जाकर आकलन करने की तैयारी की जा रही है। वहीं ओडिशा और केरल में मौसम विभाग ने भारी बारिश को लेकर कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। ऐसे में आइए एक-एक करके राज्यों के हाल के बारे में विस्तृत रूप से जानते हैं।
मानसून 2026 कहीं सड़कें बंद तो कहीं शहर पानी-पानी
हिमाचल में 162 सड़कें बंद, 105 ट्रांसफार्मर ठप
हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार शाम तक बारिश के कारण 162 सड़कें बंद हैं और 73 पेयजल आपूर्ति योजनाएं तथा 105 ट्रांसफार्मर ठप पड़े हैं। इस बीच, शिमला मौसम केंद्र ने 10 और 11 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी देते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट 10 अगस्त को कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर जिलों के लिए तथा 11 अगस्त को चंबा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर जिलों के लिए जारी किया गया है। लाहौल-स्पीति और किन्नौर को छोड़कर राज्य के बाकी जिलों के लिए मौसम विभाग ने इन दोनों दिनों के लिए ’येलो अलर्ट जारी किया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) ने बताया कि राज्य में भारी बारिश के बाद 162 सड़कें यातायात के लिए बंद हो गई हैं। सबसे ज्यादा सड़कें मंडी जिले में प्रभावित हुई हैं, जहां 56 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा कुल्लू में 48, चंबा में 19, सिरमौर में 16, शिमला में 14, कांगड़ा में सात और ऊना जिले में दो सड़कें बंद हैं। इस बीच, मंडी जिले के बरोट-घाटासनी मार्ग पर एक पर्यटक वाहन मलबे के नीचे दब गया। हालांकि, वाहन में सवार दोनों पर्यटक बाल-बाल बच गए। मौसम विभाग ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम से पिछले 24 घंटों में धर्मशाला में 91.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा जोगिंदरनगर में 76 मिमी, मंडी में 68 मिमी, कंडाघाट में 63.2 मिमी, मनाली में 63 मिमी, जट्टन बैराज में 62 मिमी, शिमला में 55 मिमी, सराहन में 40.7 मिमी और कुफरी में 40.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। राज्य में 30 जून को मानसून के आगमन के बाद से अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 65 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से 14 लोगों की मौत भूस्खलन और एक की मौत अचानक आई बाढ़ के कारण हुई है। राज्य को अब तक लगभग 834 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मौसम विभाग ने राज्य में 13 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है।
दिल्ली में मकान ढहने और पेड़ गिरने की दो दर्जन से अधिक घटनाएं
वहीं दिल्ली में बृहस्पतिवार मध्यरात्रि से लेकर शुक्रवार शाम तक हुई मूसलाधार बारिश के कारण दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) को मकान ढहने, इमारतों के हिस्से गिरने और पेड़ उखड़ने की दो दर्जन से अधिक सूचनाएं मिलीं। हालांकि, इन घटनाओं में कोई हताहत नहीं हुआ है। अग्निशमन विभाग के अनुसार, बृहस्पतिवार को आधी रात 12 बजे से शुक्रवार को शाम 5:30 बजे के बीच लगातार बारिश के दौरान ये सूचनाएं दर्ज की गईं। इसने बताया कि एक घटना में, एक मकान पर पेड़ गिर जाने से उसमें तीन महिलाएं फंस गईं, जिन्हें अग्निशमनकर्मियों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। दमकल विभाग ने बताया कि इनमें से नौ सूचनाएं मकान पूरी तरह ढहने या इमारतों का हिस्सा गिरने से संबंधित थीं। दिनभर हुई तेज बारिश से शहर के कई इलाकों में भारी जलभराव हो गया, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ और सड़कों पर वाहनों की गति थम सी गई। इससे पहले दिन में, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए कई स्थानों पर मध्यम और कुछ स्थानों पर गरज-चमक तथा बिजली गिरने के साथ भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया था। बाद में, कुछ मौसम केंद्रों पर 110 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई। बारिश और जलभराव के कारण कई प्रमुख मार्गों पर गाड़ियां रेंगती नजर आईं। यात्रियों ने सोशल मीडिया पर खराब यातायात प्रबंधन और जलभराव की शिकायतें दर्ज कराईं, जिससे सर्वाधिक भीड़-भाड़ वाले समय के दौरान हज़ारों लोग जाम में फंसे रहे। प्रशासन प्रभावित इलाकों से गिरे पेड़ हटाने, जलभराव से निपटने, जर्जर इमारतों पर नजर रखने में और यातायात को वापस सामान्य करने में जुटा है।
असम सरकार चार जिलों में बाढ़ से हुए नुकसान का घर-घर जाकर करेगी आकलन
इसके अलावा असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार नौ से 30 अगस्त तक बाढ़ से सबसे बुरी तरह प्रभावित चार जिलों में हुए नुकसान का घर-घर जाकर आकलन करेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी प्रभावित परिवार को छोड़ा नहीं जाएगा और सरकार नियमों के अनुसार ज्यादा से ज्यादा राहत देगी। सरमा ने जोरहाट, शिवसागर, चराइदेव और गोलाघाट जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, "असम में बाढ़ से प्रभावित चार जिलों के अधिकारियों के साथ एक विस्तृत प्रशिक्षण बैठक पूरी की गई। नौ से 30 अगस्त तक, हमारी टीम घर-घर जाकर नुकसान का आकलन करेंगी।" उन्होंने कहा कि जिला आयुक्त, सह-जिला आयुक्त और वृत्ताधिकारियों को सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाना चाहिए तथा यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी प्रभावित परिवार छूट न जाए। सरमा ने कहा, "संबंधित अधिकारी एक खास ऐप पर नुकसान की तस्वीरें अपलोड करेंगे। इसके बाद, 30 अगस्त तक आकलन किया जाएगा और फिर प्रभावित परिवारों के साथ दोबारा सत्यापन किया जाएगा।" मुख्यमंत्री ने कहा, "मूल सिद्धांत स्पष्ट है: हर वास्तविक नुकसान का आकलन करें और मौजूदा नियमों के तहत अधिकतम संभव राहत दें"। इस बाढ़ में कम से कम 97 लोगों की मौत हुई है और 1.68 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। पूर्वी असम के चार जिलों पर इसका सबसे बुरा असर पड़ा है।
ओडिशा में जारी हुआ रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने ओडिशा में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। आईएमडी के भुवनेश्वर केंद्र द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, मौसम विभाग ने मयूरभंज जिले में भारी बारिश की संभावना जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही राज्य के बालासोर, भद्रक, कटक, सुंदरगढ़, अंगुल, ढेंकानाल, क्योंझर, सोनपुर, बौद्ध, बलांगीर, कालाहांडी, कंधमाल, गजपति, गंजाम, झारसुगुड़ा, बरगढ़, संबलपुर, देवगढ़ और जाजपुर के लिए अलर्ट जारी रहेगा। वहीं केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, नुआपाड़ा, नवरंगपुर, रायगड़ा, कोरापुट, मल्कानगिरी, पुरी, खुर्दा और नयागढ़ के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने कहा है कि ओडिशा में गरज-चमक के साथ बारिश होने और बिजली गिरने की आशंका है। इसी के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। मौसम कार्यालय के अनुसार, राज्य में रविवार तक मौसम की यही स्थिति बनी रहेगी। मौसम कार्यालय ने समुद्र में स्थिति बेहद खराब रहने की आशंका के मद्देनजर मछुआरों को 8 अगस्त को ओडिशा तट के पास तथा गहरे समुद्र में न जाने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में सबसे अधिक 131 मिलीमीटर (मिमी) बारिश कालाहांडी जिले के नारला में हुई जबकि इसी जिले के मदनपुर-रामपुर में 117 मिमी बारिश हुई।
केरल के सात जिलों में रेड अलर्ट
बात केरल की करें तो यहां लगातार जारी भारी बारिश के बीच मौसम विभाग राज्य के सात जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। खराब मौसम को देखते हुए कई जिलों में शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। शुक्रवार सुबह सात बजे जारी आईएमडी के बुलेटिन के अनुसार, अलप्पुझा, कोट्टायम, एर्णाकुलम, त्रिशूर, पलक्कड़, कन्नूर और कासरगोड जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के दौरान अलग-अलग स्थानों पर 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और 15 मिलीमीटर प्रति घंटे से अधिक की भारी बारिश का अनुमान जताया है। साथ ही पत्तनमथिट्ठा, इडुक्की, मलप्पुरम, कोझिकोड और वायनाड जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और पांच से 15 मिलीमीटर प्रति घंटे की मध्यम बारिश की संभावना है। वहीं तिरुवनंतपुरम, कोल्लम और केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप के लिए येलो अलर्ट लागू है, जहां 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और 15 मिलीमीटर प्रति घंटे से कम हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। हालांकि, लगातार बारिश जारी रहने के कारण कई लोग अब भी राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (आईएनसीओआईएस) ने ऊंची लहरें उठने की चेतावनी दी है, जिसके तहत केरल तट के कुछ हिस्सों में 1.1 मीटर से 1.5 मीटर तक ऊंची लहरें उठने और तटीय इलाकों में पानी घुसने की आशंका है।
