'मानसून का 'रेड अलर्ट' : कहीं राहत तो कहीं आफत, कश्मीर टू कन्याकुमारी झमाझम बारिश से बदलेगा मौसम; बाढ़ से तबाही

मानसून की रेखा के मध्य भारत की ओर खिसकने से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और राजस्थान के कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, गुजरात, विदर्भ, महाराष्ट्र और कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों में अच्छी वर्षा होने के आसार हैं। पहाड़ी राज्यों में अगले दो-तीन दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है, जबकि पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम अनुकूल बना रहेगा। इसके विपरीत, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार में बारिश की गतिविधियों में कमी दर्ज की जा सकती है, और दक्षिण भारत व दक्षिण महाराष्ट्र में मानसून फिलहाल कमजोर रहने की संभावना है।

Mansoon 2026 : देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून की सक्रियता ने एक तरफ जहां राहत दी है, वहीं कई क्षेत्रों में यह आपदा का रूप ले चुका है। मानसून की रेखा के मध्य भारत की ओर बढ़ने से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और राजस्थान के कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना है, जबकि पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम विभाग ने अच्छी बारिश का अनुमान जताया है। इसके विपरीत, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार में फिलहाल बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी देखने को मिल रही है। पहाड़ी राज्यों में अगले दो-तीन दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है, जबकि पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम अनुकूल बना रहेगा।

monsoon 2026

मॉनसूनी बारिश

इस मानसून के प्रकोप का सबसे भयावह चेहरा दक्षिण गुजरात में देखने को मिला है, जहां वलसाड और नवसारी जैसे जिले बाढ़ की चपेट में हैं। वलसाड के उमरगांव तालुका में महज 36 घंटों में रिकॉर्ड 1,200 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जिसके कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित इलाकों से 22,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है और राहत कार्यों के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के साथ-साथ सेना की मदद भी ली जा रही है। वहीं, मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी करते हुए सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

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