Monsoon 2026: देशभर में मानसून का असर लगातार गहराता जा रहा है और कई राज्यों में तेज बारिश ने हालात चिंताजनक बना दिए हैं। राजधानी दिल्ली में बारिश के बीच मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए अगले कुछ घंटों तक तेज बौछारों और तेज हवाओं की चेतावनी दी है। ओडिशा में नदियों का बढ़ता जलस्तर चार जिलों के लिए बाढ़ का खतरा पैदा कर रहा है, जिससे प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। वहीं, महाराष्ट्र के ठाणे और हिमाचल प्रदेश के चंबा में मूसलाधार बारिश, भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। राहत और बचाव एजेंसियां प्रभावित इलाकों में लगातार तैनात हैं, जबकि कई राज्यों में आने वाले दिनों के लिए भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
नदियां उफान पर, पहाड़ दरके और शहर जलमग्न!
दिल्ली में ऑरेंज अलर्ट
दिल्ली के कुछ हिस्सों में मंगलवार सुबह बारिश हुई। वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले कुछ घंटों के दौरान राष्ट्रीय राजधानी के कई इलाकों में और बारिश होने की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। IMD के अनुसार, शहर के आधार मौसम केंद्र सफदरजंग में सुबह साढ़े आठ बजे तक 32.4 मिलीमीटर (मिमी) वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा रिज में 37.6 मिमी, लोधी रोड में 36.7 मिमी, आया नगर में चार मिमी और पालम में 0.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के लिए शहर के कई हिस्सों के लिए ’ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि इन क्षेत्रों में बादल छाए रहने के साथ मध्यम बारिश हो सकती है और तेज हवाएं चल सकती हैं। दिल्ली में मंगलवार को न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.8 डिग्री सेल्सियस कम रहा।
ओडिशा के चार जिलों पर बाढ़ का खतरा
ओडिशा के चार जिलों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि गहरे दबाव का क्षेत्र बनने के कारण हुई भारी बारिश के बाद कम से कम तीन नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच गई हैं। राज्य सरकार ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), अग्निशमन विभाग और अन्य एजेंसियों को तैयार रहने को कहा है। साथ ही अधिकारियों को संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का निर्देश दिया गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, ओडिशा के उत्तरी हिस्से में पिछले तीन दिनों से भारी बारिश हो रही है। तटीय क्षेत्र में बालासोर शहर में इस अवधि के दौरान 246.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। जल संसाधन विभाग के मुख्य इंजीनियर दिलीप कुमार राउत ने कहा कि अगर जलका, सालंदी और बैतरणी नदियों का जलस्तर बढ़ने से पानी किनारों से बाहर बहता है, तो बालासोर, भद्रक, मयूरभंज और जाजपुर ज़िलों में भारी बाढ़ आ सकती है। राउत ने संवाददाताओं से कहा, "इन नदियों में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और यह जल्द ही खतरे के निशान को पार कर सकता है।" राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि संवेदनशील इलाकों में ओडीआरएएफ, एनडीआरएफ और अग्निशमन दलों को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा, "जिला अधिकारियों को लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।"
महाराष्ट्र के ठाणे में अब तक 18 लोगों की मौत
वहीं महाराष्ट्र के ठाणे जिले में जारी मानसून के दौरान बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि भूस्खलन, दीवार गिरने और बाढ़ के कारण 790 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। जिला प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से दो मौतें सोमवार को दर्ज की गईं। जिला प्रशासन की रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा मानसून के दौरान जिले में बारिश से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में 17 लोग घायल हुए हैं। मुंबई से सटे इस जिले में इस महीने कई दिनों तक भारी बारिश हुई, जिसके कारण विभिन्न इलाकों में दीवार गिरने और जलभराव की घटनाएं सामने आईं। रिपोर्ट के अनुसार, 24 जुलाई से अब तक बाढ़ में बहने और जलाशयों में डूबने से चार लोग लापता हैं, जिनका पता लगाने के लिए प्रयास जारी हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि भूस्खलन, दीवार गिरने, नदियों में बाढ़ और बारिश से जुड़ी अन्य आपदाओं के कारण 229 परिवारों के कुल 797 लोग प्रभावित हुए हैं। इन लोगों को राहत शिविरों में ठहराया गया है। भारी बारिश के कारण कुल 187 मकान या तो पूरी तरह ढह गए हैं या वे आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गये। इसके अलावा तेज बारिश और हवाओं की वजह से पांच झोपड़ियां, एक सामुदायिक भवन और एक आंगनवाड़ी केंद्र भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, खराब मौसम के दौरान जिले में तीन मुर्गी पालन केंद्र को भी नुकसान पहुंचा है। जिला प्रशासन प्रभावित इलाकों में राहत और पुनर्बहाली के कार्य लगातार जारी रखे हुए है।
हिमाचल के चंबा में बाढ़ और जमीन खिसकने की घटनाओं से भारी तबाही
हिमाचल के चंबा जिले में मंगलवार को भारी बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ और जमीन खिसकने की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई। इससे 25 से ज्यादा घरों और एक दुकान को नुकसान पहुंचा तथा एक दर्जन से ज़्यादा गाड़ियां मलबे में दब गईं। हालांकि, अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। मंगलवार सुबह से हो रही लगातार बारिश के कारण जिले में नाले और नदियां उफान पर हैं, जिससे आस-पास के घरों में भारी मात्रा में मलबा भर गया है। सुल्तानपुर नाला विकराल रूप ले चुका है, जिससे चंबा के सुल्तानपुर मोहल्ले में 25 से ज़्यादा रिहायशी मकानों और एक दुकान को नुकसान पहुंचा है तथ लोग बहुत परेशान हैं। खबर है कि चंबा में उदयपुर-गोल्थी-नवोदय रोड पर भरियाड के पास भूस्खलन के बाद कार, ट्रक और दोपहिया वाहनों समेत कम से कम एक दर्जन वाहन मलबे के नीचे दब गए। भूस्खलन के कारण सड़कों और रिहायशी इलाकों में भारी मात्रा में मलबा जमा हो गया है। तडोली नाले के तेज़ बहाव के साथ आए बड़े पत्थर एक दुकान में घुस गए और उसे पूरी तरह नष्ट कर दिया।
शिमला मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान सात जिलों में आकस्मिक मध्यम स्तर की बाढ़ के खतरे की चेतावनी जारी की है। ये जिल चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन हैं। राज्य आपात अभियान केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, भारी बारिश की वजह से हुए भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ के कारण कुल 178 सड़कें बंद हैं। सबसे ज्यादा सड़कें 58 मंडी ज़िले में बंद हुईं। कुल्लू में 42, चंबा में 30, सिरमौर में 26, शिमला में 16, लाहौल-स्पीति में तीन, कांगड़ा में दो और ऊना जिले में एक सड़क बंद है। कम से कम 107 जलापूर्ति परियोजनाओं और 62 बिजली ट्रांसफ़ॉर्मरों को नुकसान पहुंचा है। शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड के एक बयान के अनुसार, सतलुज जल आपूर्ति परियोजना में ट्रांसफॉर्मर खराब होने और अन्य जल स्रोतों में भारी गाद जमा होने एवं बाढ़ के कारण, अगले कुछ दिनों तक शिमला में जलापूर्ति बाधित हो सकती है।
राज्य के कुछ इलाकों में अगले दो दिनों और तीन अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश होने का ’ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया गया है। यह चेतावनी बुधवार के लिए सिरमौर जिले और बृहस्पतिवार के लिए बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा और सिरमौर जिलों के लिए जारी की गई है।
चंबा ज़िले के जोट में 137.8 मिलीमीटर (मिमी) बारिश हुई। नैना देवी में 118 मिमी, मुरारी देवी में 83 मिमी, घमरूर और शिमला में 59.2 मिमी, ब्राह्मणी में 54.6 मिमी, जोगिंदरनगर में 52 मिमी, मलराओं में 47 मिमी, ओलिंडा में 44 मिमी, हमीरपुर में 43 मिमी और नगरोटा सूरियां में 42.2 मिमी में बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, सुंदरनगर, कांगड़ा, जोट और मुरारी देवी में तेज़ बारिश के साथ आंधी-तूफ़ान भी आया। राज्य में 30 जून को मॉनसून की शुरुआत के बाद से अब तक भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ की वजह से 15 लोगों की मौत हो चुकी है।
