पंजाब के मोहाली में कबड्डी खिलाड़ी और प्रमोटर कंवर दिग्विजय सिंह उर्फ राणा बलाचौरिया पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर उनकी हत्या कर दी गई थी। अब पंजाब पुलिस ने इस मामले में कई बड़े खुलासे किए हैं। पंजाब पुलिस ने दावा किया है कि उन्होंने हमलावरों की पहचान कर ली है । पुलिस का कहना है कि इस हत्याकांड को अंजाम केवल और केवल कबड्डी के खेल पर वर्चस्व को लेकर की गई है।
मूसेवाला की हत्या से कोई लिंक नहीं
एसएसपी हरमनदीप सिंह हंस ने दावा किया कि पुलिस ने हमलावरों को पहचान कर ली है। ये मामला कबड्डी के खेल में पैसे और वर्चस्व की लड़ाई से जुड़ा है। उन्होंने साफ किया कि इस मामले का सिद्धूमूसे वाला हत्याकांड से कोई लेना-देना नहीं है। बता दें कि हत्या के बाद सोशल मीडिया पोस्ट पर बंबीहा ग्रुप ने दावा किया था कि ये हत्या सिद्धू मूसेवाला की हत्या का बदला लेने के लिए की गई है। साथ ही उन्होंने यह भी साफ कर दिया है कि पंजाब के नामी सिंगर मनकीरत औलख गैंगस्टर के निशाने पर नहीं थे। यह घटना सिर्फ राणा बालचौरिया को रास्ते से हटाने के लिए ही की गई।
सेल्फी के बहाने रोका और सीने में उतार दी गोलियां
एसएसपी हरमनदीप हंस ने हमलावरों के बारे में बताते हुए कहा कि अमृतसर के आदित्य और करण ने राणा को गोलियां मारीं। उन्होंने राणा को सेल्फी के बहाने रोका और ताबड़तोड़ सीने मे गोलियां दाग दीं। एसएसपी ने दावा किया कि राणा के गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया से लिंक के शक के चलते बंबीहा गैंग के लक्की पटियाल और डोनी बल ने इस हत्याकांड की साजिश रची। एसएसपी ने कहा कि कबड्डी प्लेयर और प्रमोटर कंवर दिग्विजय सिंह उर्फ राणा बलाचौरिया का संबंध गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया से जोड़ा जाता है। उसकी बंबीहा गैंग के गैंगस्टर लक्की पटियाल से रंजिश चल रही थी। लक्की पटियाल और उससे जुड़े डोनी बल के कहने पर ही राणा की हत्या की गई। उसी ने यह शूटर भेजे थे।
दो शूटरों की हुई पहचान
पंजाब पुलिस के मुताबिक, दो शूटरों की पहचान कर ली गई है। एक शूटर आदित्य कपूर उर्फ मक्खन और दूसरा करण पाठक है,दोनों अमृतसर के रहने वाले हैं। तीसरे शूटर के बारे में पता चला है लेकिन अभी उसके बारे में खुलासा नहीं किया जा सकता है। 2-3 लोग और हैं, जिन्होंने शूटर्स को ग्राउंड सपोर्ट दी है। उनकी भी पहचान की जा रही है। इस हत्याकांड से जुड़े लोगों का सीधे तौर पर पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला से कोई संबंध नहीं है। ऐसा लगता है कि इस हत्याकांड को केवल सनसनी बनाने और जस्टिफाई करने के लिए मूसेवाला का नाम लिया गया है।
राणा बलाचौरिया का परिवार भी सामने आया
इस पूरे मामले को लेकर राणा बलाचौरिया का परिवार भी सामने आया है। उनके पिता कुंवर राजीव सिंह और कुंवर संजीव सिंह ने कहा कि राणा बलाचौरिया ना तो किसी गैंग से जुड़ा था और ना ही उसने कभी उन्हें ये बताया था कि उसको किसी गैंगस्टर से कोई धमकी मिल रही है। राणा बलाचौरिया सिर्फ कबड्डी के खेल से जुड़ा था। उन्हें नहीं पता कि किस वजह से उनके बेटे की हत्या कर दी गई। राणा के परिवार ने कहा कि उनके बेटे का सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड या उससे जुड़े किसी भी गैंग या गैंगस्टर से कोई लेना-देना नहीं है। परिवार का कहना है कि हमले के वक्त राणा बलाचौरिया के पास उसकी लाइसेंसी गन,सोने के कुछ आभूषण और मोबाइल मौजूद था जोकि घटना के बाद से गायब है।
पंजाब पुलिस का दावा है कि इस मामले में 12 पुलिस की टीमें बनाई गई है जोकि पंजाब के अलग-अलग इलाकों और दिल्ली में लगातार रेड कर रही हैें। जल्द ही हमलावर पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
