बरेली में मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने किया योगाभ्यास, बोले - योग को धर्म से जोड़ना अज्ञानता

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर बरेली में ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने योग किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि योग को धर्म से जोड़ना अज्ञानता है। योग स्वास्थ्य और मानसिक शांति का माध्यम है।

International Yoga Day: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बरेली में ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने ग्रैंड मुफ्ती हाउस में योग किया। इस मौके पर उनके साथ अब्दुल अजीज और साहिल रजा अंसारी सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे। इस दौरान मौलाना ने कहा कि योग स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए बहुत प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि योग को किसी धर्म विशेष से जोड़कर देखना अज्ञानता और नासमझी है।

Molana yoga

सूफी परंपरा में भी रहा योग का महत्व - रजवी

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि योग की परंपरा सदियों पुरानी है। उन्होंने बताया कि पुराने समय में सूफी संत भी अपनी दरगाहों पर लोगों को आध्यात्मिक प्रशिक्षण देने से पहले योग करवाते थे। जिसे रूहानी तौर-तरीकों से कराया जाता था, जिसमें हाथ-पैर की कसरत होने के साथ ही दिल और दिमाग भी साफ होता था। उनके अनुसार योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का साधन नहीं, बल्कि मन और आत्मा को शुद्ध करने का भी माध्यम है।

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