गुरुग्राम के मानेसर लैंड स्कैम मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने TDI ग्रुप के चेयरपर्सन रविंदर तनेजा से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की है। ED की चंडीगढ़ जोन-1 टीम ने 28 सितंबर को नई दिल्ली और एसएएस नगर स्थित उनके कारोबारी और आवासीय परिसरों पर तलाशी ली। यह कार्रवाई CBI की FIR के आधार पर चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की गई।
ईडी की कार्रवाई
ED के मुताबिक, रविंदर तनेजा TDI ग्रुप के चेयरपर्सन हैं और TDI Infratech Ltd समेत कई कंपनियों के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। जांच में TDI ग्रुप के कथित तौर पर अतुल बंसल और उनकी ABWIL ग्रुप की कंपनियों के साथ जमीन से जुड़े लेनदेन की जांच की जा रही है।
अधिग्रहण के डर से किसानों से सस्ते में खरीदी जमीन
जांच के मुताबिक, मानेसर, नौरंगपुर और लखनौला गांवों में 2007 में अधिग्रहण के लिए 400 एकड़ से ज्यादा जमीन चिन्हित की गई थी। आरोप है कि अधिग्रहण के डर के कारण निजी बिल्डरों और बिचौलियों ने किसानों से यह जमीन काफी कम कीमत पर खरीद ली। बाद में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी और अधिग्रहण की कार्रवाई खत्म हो गई। इसके बाद इसी जमीन को बिचौलियों ने काफी ऊंची कीमत पर बेच दिया। ED का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया में भारी मुनाफा कमाया गया।TDI ग्रुप ने तीन कंपनियों के जरिए खरीदी करीब 33 एकड़ जमीन
ED की जांच में सामने आया है कि 2005 से 2007 के बीच TDI ग्रुप ने तीन कंपनियों का इस्तेमाल कर करीब 33 एकड़ जमीन किसानों से खरीदी। इन कंपनियों के नाम Indo Asian Construction Co. Pvt. Ltd., NCR Properties Pvt. Ltd. और Divya Jyoti Enterprises Pvt. Ltd. हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, इन कंपनियों के जरिए किसानों से खरीदी गई जमीन बाद में अतुल बंसल ग्रुप को काफी ज्यादा कीमत पर बेची गई। ED ने रविंदर तनेजा के नेतृत्व वाले TDI ग्रुप की भूमिका को इस जमीन सौदेबाजी में एक बिचौलिए के तौर पर चिन्हित किया है।
तीन दिन से ज्यादा चली तलाशी,दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त
ED की कार्रवाई तीन दिन से ज्यादा समय तक चली। तलाशी के दौरान अधिकारियों को दूसरे प्रोजेक्ट से जुड़ी कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं से संबंधित दस्तावेज भी मिले हैं। एजेंसी अब इन रिकॉर्ड की अलग से जांच कर रही है। तलाशी में बड़ी संख्या में प्रोजेक्ट से जुड़े रिकॉर्ड और फाइलें, कंप्यूटर, हार्ड डिस्क, सर्वर और डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए हैं। इसके अलावा कुछ लग्जरी गाड़ियों को भी जब्त किया गया है। ED ने इन्हें अपराध से अर्जित आय से जुड़ी संपत्ति यानी Proceeds of Crime के तौर पर चिन्हित किया है।फिलहाल जब्त दस्तावेजों, डिजिटल उपकरणों, संपत्तियों और TDI ग्रुप की वित्तीय गतिविधियों की जांच जारी है। ED के मुताबिक, जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और जानकारी सामने आ सकती है।
