उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से एक बेहद सनसनीखेज और रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। जहां आरोपियों ने नीट (NEET) की तैयारी कर रही एक 25 वर्षीय छात्रा के साथ अपहरण और गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया। पीड़िता का आरोप है कि उसे 16 दिनों तक आरोपियों ने बंधक बनाकर रखा। इस दौरान उसे लगातार नशीले इंजेक्शन दिए गए, सिगरेट से दागा गया, सामूहिक दुष्कर्म किया गया और जान से मारने की धमकी देकर जबरन शादी भी रचाई गई। पुलिस ने छात्रा को बरामद कर लिया है और तीन आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। जिनसे पूछताछ की जा रही है।
(फोटो - टाइम्स नाउ नवभारत)
30 अप्रैल को कोचिंग से वापस आते समय अपहरण
यह पूरी वारदात 30 अप्रैल की बताई जा रही है। मध्य प्रदेश की रहने वाली पीड़िता महोबा में रहकर पढ़ाई कर रही थी। घटना वाले दिन वह कोचिंग से घर लौट रही थी। तभी कार सवार कुछ दबंगों ने उसका जबरन अपहरण कर लिया। अगले दिन 1 मई को पीड़िता की मां ने उसके लापता होने की तहरीर दी। शिकायत के आधार पर महोबा कोतवाली नगर में केस दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की। पुलिस की चार टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद 16 मई को छात्रा को प्रयागराज से बरामद कर लिया। जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पीड़िता ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि उसके ही गांव के मोहित श्रीवास ने अपने साथियों अंकित श्रीवास, हल्लू राजपूत और करीब आधा दर्जन अन्य लोगों के साथ मिलकर उसे अपहरण किया और उसे प्रयागराज में रखा था। विरोध करने पर दरिंदों ने उस पर चाकू से वार किए और उसके भाई को जान से मारने की धमकी दी।
कांग्रेस ने कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल
इस खौफनाक वारदात के सामने आने के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया है और सियासत भी गरमा गई है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरते हुए कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने पीड़िता से फोन पर बात की है, वहीं पार्टी ने पीड़िता के उचित इलाज और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही यह भी ऐलान किया कि कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही महोबा आकर पीड़िता के परिवार से मुलाकात करेगा। फिलहाल, पीड़ित छात्रा को पुलिस सुरक्षा के बीच जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उसके इलाज में जुटी है।
फरार आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
महोबा की अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) वंदना सिंह ने इस मामले के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि छात्रा को 16 मई को सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया गया है। कोर्ट में दर्ज कराए गए पीड़िता के बयानों के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मुख्य नामजद तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। जिनसे पूछताछ की जा रही है। जल्द ही उन्हें अदालत के सामने पेश किया जाएगा। इस मामले में फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश के लिए एसओजी (SOG) और सर्विलांस समेत चार टीमों को लगाया गया है, जो लगातार दबिश दे रही हैं।
