पति-पत्नी के बीच आम झगड़े क्रूरता नहीं; आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में सास समेत तीन लोग बरी

Dowry Case: महाराष्ट्र के ठाणे की एक अदालत ने वर्ष 2018 में 21 वर्षीय पत्नी को दहेज के लिए प्रताड़ित करने और उसे आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में उसके पति और सास-ससुर को बरी कर दिया है।

Dowry Case: महाराष्ट्र के ठाणे की एक अदालत ने वर्ष 2018 में 21 वर्षीय पत्नी को दहेज के लिए प्रताड़ित करने और उसे आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में उसके पति और सास-ससुर को बरी कर दिया है। अदालत ने कहा, ''वैवाहिक जीवन में होने वाली सामान्य खटपट को क्रूरता नहीं माना जा सकता।''

Thane Court

आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में तीन व्यक्ति बरी (प्रतीकात्मक तस्वीर)

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पंकज ए. पाटकी ने बृहस्पतिवार को अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों द्वारा की गई क्रूरता की किसी विशिष्ट घटना या उनके कृत्यों और महिला द्वारा आत्महत्या किए जाने के बीच प्रत्यक्ष संबंध स्थापित करने में विफल रहा।

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