Maharashtra Vidhan Parishad: महाराष्ट्र से बड़ी खबर सामने आ रही है। महाराष्ट्र विधान परिषद की 17 सीटों के लिए होने वाले चुनाव से पहले 'महायुति' के पांच एमएलसी निर्विरोध चुने गए हैं। जिनमें शिवसेना और एनसीपी के दो-दो, जबकि भाजपा का एक उम्मीदवार शामिल है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (फोटो साभार: @mieknathshinde)
कब होगा चुनाव ?
महाराष्ट्र विधान परिषद की 17 सीटों के लिए 18 जून को चुनाव होने वाला है, जबकि मतों की गिनती 22 जून को होगी। इससे पहले बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला। 17 में से पांच सीटों पर उम्मीदवारों को निर्विरोध चुना गया।
कौन-कौन निर्विरोध चुना गया?
ठाणे में 'शिंदे सेना' के उम्मीदवार रवींद्र फाटक ने बाजी मार ली है। इस सीट पर एनसीपी (शरद पवार गुट) के अभिजीत पवार ने अपना नामांकन वापस लेकर फाटक की निर्विरोध जीत का रास्ता साफ कर दिया।
रायगढ़-रत्नागिरी में एनसीपी और उद्धव ठाकरे की शिवसेना के बीच मुकाबला होना था, लेकिन उद्धव सेना के बाला माने ने अपना नामांकन वापस ले लिया। जिसके बाद एनसीपी (अजित पवार गुट) के अनिकेत तटकरे निर्विरोध निर्वाचित हो गए।
कुछ ऐसे ही समीकरण पुणे में भी देखने को मिले। यहां एनसीपी (अजित पवार गुट) के उम्मीदवार विक्रम काकड़े ने निर्विरोध जीत हासिल की। उन्हें यह वॉकओवर तब मिला जब एनसीपी (शरद पवार गुट) के श्रीकांत पाटील और अजित गुट के ही बागी उम्मीदवार सुनील टिंगरे, दोनों ने ही चुनावी रण से खुद को अलग करते हुए अपना नामांकन वापस ले लिया।
चंद्रपुर-वर्धा-गड़चिरौली सीट पर भाजपा के अरुण लखानी निर्विरोध निर्वाचित हुए, जबकि यवतमाल में शिंदे सेना के दुष्यंत चतुर्वेदी ने बिना किसी विरोध के जीत का परचम लहराया।
इन सीटों पर होगा कड़ा मुकाबला
- सोलापुर
- अहिल्यानगर
- जलगांव
- सांगली-सतारा
- नांदेड़
- भंडारा-गोंदिया
- अमरावती
- धाराशिव-लातूर-बीड
- नासिक
- परभणी
- नागपुर
- छत्रपति संभाजीनगर
कौन कितनी सीटों पर लड़ा रहा चुनाव
महायुति के बीच सीट बंटवारे को लेकर काफी गहन चर्चा हुई और अंत में एक फॉर्मूला तय हुआ। इस फॉर्मूले के मुताबिक, 17 में से 11 सीटों पर भाजपा, 4 सीटों पर शिवसेना और 2 सीटों पर एनसीपी चुनाव लड़ेगी। इस दौरान, 'महायुति' नेताओं के बीच बड़ी मुश्किल में आम सहमति बन पाई, क्योंकि एकनाथ शिंदे 7 सीटों पर अड़े हुए थे, लेकिन किसी तरह उन्हें 4 सीटों के लिए मनाया गया और बात बन गई।
