कौन था गैंगस्टर अनुज कनौजिया? मुख्तार अंसारी से था गहरा नाता, अलग-अलग थानों में 23 मामले दर्ज

यूपी एसटीएफ टीम और झारखंड पुलिस द्वारा संयुक्त टीम ने मुठभेड़ में लंबे से फरार गैंगस्टर अनुज कनौजिया को मारा गिराया। कनौजिया पर ढाई लाख रुपये का इनाम था। मऊ और गाजीपुर समेत कई जिलों के विभिन्न थानों में दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज थे।

उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल (STF) और झारखंड पुलिस ने शनिवार रात हुई मुठभेड़ में गैंगस्टर और शूटर अनुज कनौजिया को मार गिराया। बताया जा रहा है कि गैंगस्टर अनुज कनौजिया दो दशकों के अधिक समय से पूर्वी यूपी में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। गैंगस्टर पर ढाई लाख रुपये का इनाम भी था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गैंगस्टर के खिलाफ गाजीपुर, आजमगढ़ और मऊ जिले के विभिन्न थानों में 23 से अधिक मामले दर्ज थे। अधिकारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश एसटीएफ और झारखंड पुलिस की संयुक्त टीम के साथ मुठभेड़ में मुख्तार अंसारी गिरोह का ‘शार्पशूटर’ अनुज कनौजिया मारा गया।

Anuj Kanojia

कौन था गैंगस्टर अनुज कनौजिया


कौन था गैंगस्टर अनुज कनौजिया?

एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त टीम के साथ मुठभेड़ में मारा गया गैंगस्टर अनुज कनौजिया लंबे समय से फरार था। पुलिस उसे गिरफ्तार करने की कोशिश में लगी हुई थी। गैंगस्टर को पकड़ने के लिए उस पर इनाम भी रखा गया था। पहले अनुज कनौजिया पर 1 लाख रुपये का इनाम था, जिसे बढ़ा कर बाद में ढाई लाख रुपये कर दिया। गैंगस्टर के खिलाफ कई थानों में दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज थे। जानकारी के अनुसार, अनुज कनौजिया मुख्तार अंसारी का शॉर्प शूटर था। वह यूपी के मऊ का मूल निवासी था। इसका आपराधिक इतिहास दो दशकों का है। पुलिस को चकमा देते हुए वह करीब 5 साल से फरार चल रहा था। लेकिन फिर पुलिस के हाथ सफलता लगी और अनुज कनौजिया की एनकाउंटर में मौत हो गई। पुलिस मुठभेड़ के दौरान कनौजिया के पास से पुलिस ने नौ एमएम और .32 बोर की दो पिस्तौल बरामद की।

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