संत कबीर के नाम पर यूपी में बनेंगे टेक्सटाइल पार्क, रोजगार और निवेश के मिलेंगे नए अवसर

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संत कबीर के नाम पर वस्त्र एवं परिधान पार्क स्थापित करने का फैसला लिया है। इस योजना से प्रदेश में निवेश बढ़ने के साथ ही रोजगार के नए अवसर पैदा होने का अनुमान है। प्रत्येक पार्क न्यूनतम 50 एकड़ में विकसित होगा। सीएम ने यह भी निर्देश दिया कि बुनकरों की अपेक्षाओं को जानने-समझने के लिए हर जिले में संवाद हो। साथ ही उन्होंने पॉवरलूम को सौर ऊर्जा से जोड़ने पर भी जोर दिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के हथकरघा और वस्त्र उद्योग क्षेत्र में निजी निवेशकों की बढ़ती रुचि को देखते हुए विभिन्न जिलों में वस्त्र एवं परिधान पार्क स्थापित करने का फैसला लिया है। मंगलवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश पारंपरिक हथकरघा और वस्त्र उत्पादों की समृद्ध धरोहर वाला राज्य है, जिसकी क्षमता का सही उपयोग होने पर प्रदेश को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी नई पहचान दिलाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वस्त्र एवं परिधान का वैश्विक बाजार वर्ष 2030 तक 2.3 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है और भारत इसमें 8 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर के साथ सबसे तेजी से बढ़ते देशों में है। ऐसे में उत्तर प्रदेश की भागीदारी इस क्षेत्र में निर्णायक सिद्ध हो सकती है।

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यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो | PTI)

संत कबीर के नाम पर समर्पित योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित योजना को महान संत कबीर के नाम पर समर्पित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संत कबीर ने अपने जीवन दर्शन में श्रम, सादगी और आत्मनिर्भरता को सर्वोपरि माना। यही भाव इस योजना का भी आधार बनेगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस योजना के माध्यम से निवेश, उत्पादन और रोजगार के नए अवसरों के साथ-साथ परंपरा और आधुनिकता का संतुलन स्थापित होगा।

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