UP Defence Corridor: मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने और देश की रक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश में डिफेंस सेक्टर को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए आगरा और अलीगढ़ नोड के विकास कार्य को अगले स्तर पर ले जाने के लिए काम हो रहा है। उत्तर प्रदेश में डिफेंस कॉरीडोर परियोजना (UPDIC) के अंतर्गत भी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग फ्रेमवर्क को स्थापित करने का काम जारी है। सीएम योगी के विजन को मिशन मानकर उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPDA) ने खाका तैयार किया है।
आगरा और अलीगढ़ नोड का होगा विकास (फाइल फोटो)
क्या है UPDIC का प्लान
UPDA की तैयार की गई कार्ययोजना के अनुसार, आगरा में 120.98 करोड़ की लागत से 123.13 हेक्टेयर और अलीगढ़ में फेज-2 के तहत 87.89 हेक्टेयर में 64.31 करोड़ रुपए खर्च करके आंतरिक संरचना का निर्माण और विकास किया जाएगा। इस तरह, दोनों नोड्स में कुल मिलाकर 12 महीने में 211.02 हेक्टेयर क्षेत्र में लगभग 185.30 करोड़ रुपए की लागत से निर्माण व विकास कार्यों को पूरा किया जाएगा।
छह नोड्स से जुड़ा हुआ है डिफेंस कॉरिडोर
यूपीडा द्वारा तैयार की गई कार्ययोजना के अनुसार, आगरा और अलीगढ़ में होने वाले आंतरिक संरचनाओं से जुड़े निर्माण और विकास कार्यों को EPC मोड पर पूरा किया जाएगा। प्रक्रिया के अंतर्गत आगरा में बड़े स्तर पर कार्य तो प्रस्तावित हैं ही, साथ ही अलीगढ़ में फेज-2 के कार्यों की भी शुरुआत होगी। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (UPDIC) डबल इंजन की सरकार की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसका उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। यह कॉरिडोर छह प्रमुख नोड्स लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, अलीगढ़ और चित्रकूट में फैला हुआ है, जिन्हें शानदार परिवहन नेटवर्क से जोड़ा गया है।
हाल ही में, लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण इकाई का उद्घाटन हुआ है, जो 300 करोड़ रुपए के निवेश से स्थापित की गई है। जानकारी के लिए बता दें कि यह वही मिसाइल है, जिसका इस्तेमाल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुआ था। इसके अलावा अलीगढ़ नोड में भी हजारों करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव आकर्षित किए हैं, जिसमें ड्रोन और एडवांस्ड वारफेयर सिस्टम के निर्माण की परियोजनाएं शामिल हैं।
कई सुविधाओं का होगा विकास
UPDA द्वारा तैयार की गई कार्ययोजना के अनुसार आगरा में तथा अलीगढ़ में फेज-2 के तहत होने वाले कार्यों में आंतरिक सड़कों, कई खंड की इमारतों समेत विभिन्न सुविधाओं का निर्माण और विकास होगा। इसमें 24 मीटर व 18 मीटर चौड़ी सड़कें, पुलिया, सड़क यातायात के साइन बोर्ड की स्थापना, फायर स्टेशन, गार्ड रूम, एंट्री गेट्स का निर्माण, पंप रूम, ओवरहेड टैंक, बोरवेल, जल निकासी प्रणाली, बाउंड्री वॉल के निर्माण, उत्तम प्रकाश व्यवस्था, विद्युतीकरण समेत विभिन्न प्रक्रियाओं को पूरा किया जाएगा।
