लखनऊ

लखनऊ जू और इटावा लायन सफारी आज से फिर खुले, बर्ड फ्लू के कारण 15 दिनों से थे बंद

बर्ड फ्लू से बचाव के लिए करीब दो सप्ताह से बंद लखनऊ जू और इटावा लायन सफारी आज से फिर दर्शकों के लिए खोल दिए जाएंगे। कानपुर और गोरखपुर जू में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद यूपी के सभी जू और लायन सफारी को एहतियातन बंद किया गया था। अभी कानपुर और गोरखपुर चिड़ियाघर अगले आदेश तक बंद ही रहने वाले हैं।

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लखनऊ जू और इटावा लायन सफारी आज से फिर खुले

यूपी में पिछले कुछ दिनों से बंद चल रहे लखनऊ चिड़ियाघर और इटावा लायन सफारी को आज से फिर खोल दिया गया है। यूपी के चिड़ियाघरों को करीब 15 दिन पहले बर्ड फ्लू से बचाव के लिए बंद किया गया था। अब गुरुवार से जू को अपने निर्धारित समय पर खोला जाएगा। हालांकि अभी गोरखपुर और कानपुर के चिड़ियाघर बंद ही रहेंगे। इन्हें अग्रिम आदेश तक बंद किया गया है।

कानपुर-गोरखपुर में हुई थी बर्ड फ्लू की पुष्टि

गोरखपुर के शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान व कानपुर प्राणि उद्यान में बर्ड फ्लू (एविएन इंफ्लूएंजा-एच-5) की पुष्टि हुई थी। जिसके बाद प्रदेश के सभी चिड़ियाघरों और लायन सफारियों को बंद कर दिया गया था। लेकिन आज से लखनऊ जू और इटावा लायन सफारी अपने तय समय पर फिर से खुलेंगे। इसके लिए प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन्यजीव अनुराधा वेमूरी ने बुधवार को आदेश जारी किए। उन्होंने बताया कि गुरुवार से नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान (लखनऊ जू) को दर्शकों के लिए खोला जाएगा। साथ ही इटावा लायन सफारी भी खुल जाएगा।

लखनऊ जू में नहीं मिला बर्ड फ्लू केस

गोरखपुर और कानपुर जू में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद लखनऊ जू को एहतियात के तौर पर 27 मई तक के लिए बंद किया गया था। इस दौरान लखनऊ जू में बर्ड फ्लू का कोई केस नहीं मिला। जू की निदेशक अदिति शर्मा ने बताया कि दो सप्ताह चिड़ियाघर बंद रहने के दौरान सभी वन्य जीवों की सघन निगरानी की गई। लेकिन कोई भी बर्ड फ्लू का मामला सामने नहीं आया। उन्होंने बताया कि जू की साफ-सफाई का पूरा ख्याल रखा जाएगा। साथ ही जरूरी दिशा-निर्देशों का भी पूरा पालन होगा।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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