Lucknow Kanpur Expressway: लखनऊ और कानपुर के बीच सड़क मार्ग से यात्रा करने वाले लोगों के लिए खुशखबरी है! लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और अब यह तय समय से चार महीने पहले मार्च 2025 तक पूरा होने की उम्मीद है। इस एक्सप्रेसवे का 75% निर्माण कार्य पहले ही पूरा हो चुका है, जिसमें एलिवेटेड रोड और ग्रीन फील्ड रूट शामिल हैं। यह एक्सप्रेसवे लखनऊ और कानपुर के बीच की यात्रा का समय काफी कम कर देगा। मुख्य मार्ग पर यातायात का दबाव कम होगा, जिससे यात्रा सुगम होगी। इसके साथ ही इस एक्सप्रेसवे के बनने से क्षेत्र का आर्थिक विकास होगा। यह एक्सप्रेसवे लखनऊ और कानपुर को बेहतर तरीके से जोड़ेगा।
फाइल फोटो।
63 किलोमीटर लंबा होगा एक्सप्रेसवे
यह एक्सप्रेसवे लगभग 63 किलोमीटर लंबा होगा। यह लखनऊ में शहीद पथ से शुरू होकर नवाबगंज, बंथरा, बनी, दतौली कांठा, तौरा, नेओरना, अमरसास और रावल मार्ग होते हुए कानपुर पहुंचेगा। इस एक्सप्रेसवे पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगे। वहीं, इस एक्सप्रेसवे को लखनऊ रिंग रोड से जोड़ा जाएगा, ताकि मुख्य मार्ग पर यातायात का दबाव कम हो सके।
युद्ध स्तर पर चल रहा निर्माण कार्य
बता दें कि 63 किलोमीटर लंबा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जो यात्रा को आसान और तेज बनाने जा रही है। इस एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है और जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है। एक्सप्रेसवे का 18 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड होगा, जिससे यातायात की रफ्तार बढ़ेगी और स्थानीय यातायात बाधित नहीं होगा। बाकी 45 किलोमीटर के लिए एक नया ग्रीनफील्ड रूट बनाया जा रहा है। इस एक्सप्रेसवे पर तीन बड़े पुल और 28 छोटे पुल बनाए जा रहे हैं, जिससे नदियों और नालों को पार करना आसान हो जाएगा। इसके साथ ही 38 अंडरपास और छह फ्लाईओवर यातायात को सुचारू बनाने में मदद करेंगे।
भारतमाला परियोजना के तहत हो रहा तैयार
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को भारतमाला परियोजना के तहत बनाया जा रहा है। यह परियोजना भारत सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना है जिसका उद्देश्य देश के सड़क नेटवर्क को मजबूत बनाना है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर कुल 4700 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है। यह एक बड़ी राशि है, लेकिन यह एक्सप्रेसवे के महत्व को दर्शाती है।
लखनऊ के 14 गांव जुड़ेंगे
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इस एक्सप्रेसवे से लखनऊ के 14 गांव सीधे जुड़ जाएंगे। इन गांवों के रास्तों से एक्सप्रेसवे गुजरेगा। इन गांवों में अमौसी, बनी, बंथरा, सिकंदरपुर, बेहसा, फरुखाबाद, चिल्लावां, गेहरू, गौरी, खांडेदेव, मीरनपुर पिनवट, नटकुर और सराय शहजारी शामिल हैं।
