Gorakhpur Siliguri Expressway: गोरखपुर-सिलीगुड़ी या फिर सिलीगुड़ी-गोरखपुर एक्सप्रेसवे का निर्माण जल्द शुरू होने की उम्मीद है। इस एक्सप्रेसवे के लिए तेजी से जमीन अधिग्रहण का कार्य जारी है। यह एक्सप्रेसवे यूपी से शुरू होकर बिहार से गुजरते हुए पश्चिम बंगाल को जाएगा।
तीन राज्यों को जोड़ेगा गोरखपुर सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे (प्रतीकात्मक फोटो- Pixabay)
क्या रहेगा रूट्स
गोरखपुर सिलिगुड़ी एक्सप्रेसवे को एनएचएआई बना रहा है। इसकी कुल लंबाई 519 किमी है। यह यूपी के गोरखपुर से शुरू होगा और यूपी के तीन जिलों से गुजरते हुए बिहार में एंट्री करेगा। इसके बाद बिहार के 9 जिलों से गुजरते हुए बंगाल में प्रवेश करेगा। यह एक्सप्रेसवे 4 लेन होगा।
नेपाल सीमा के समानांतर
भारतमाला परियोजना (बीएमपी) चरण 2 के तहत यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे नेपाल सीमा के समानांतर चलेगा। इसके निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण मई 2022 में शुरू हुआ था। एक्सप्रेसवे के 2028 में पूरा होने और खुलने की उम्मीद है।
बिहार को सबसे ज्यादा फायदा
इस एक्सप्रेसवे से सबसे ज्यादा फायदा बिहार को होने वाला है। इसके 9 जिलों से यह एक्सप्रेसवे जुड़ेगा। इन जिलों की इस एक्सप्रेसवे से कायापलट होने की उम्मीद है। एक्सप्रेसवे का लगभग 84 किमी हिस्सा उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, देवरिया और कुशीनगर जिलों से होकर गुजरेगा। बिहार के भीतर, यह पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, फोर्ब्सगंज और किशनगंज के 9 जिलों से होकर गुजरेगा। इसके बाद दार्जिलिंग और फिर सिलीगुड़ी।
क्या है अभी स्थिति
गोरखपुर सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे के लिए तीनों राज्यों में भूमि अधिग्रहण का काम जारी है। जैसे ही जमीन अधिग्रहण का 80 प्रतिशत काम पूरा हो जाएगा, इसके लिए टेंडर जारी कर दिया जाएगा। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण पर 32,000 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है।
