Famous Places to Visit in Lucknow: बात नवाबों के शहर लखनऊ की हो इसमें खानपान का जिक्र ना हो, ऐसा हो नहीं सकता है। तहजीब, नजाकत और नफासत के लिए प्रसिद्ध लखनऊ खान-पान के लिए प्रसिद्ध है। बात शाकाहारी हो या मांसाहारी, लखनऊ की अपनी एक अलग पहचान है। मशहूर टुंडे कबाब हो या शुक्ला की चाट, हर खाना मशहूर है। तो आइए आपको लखनऊ के खानपानी की उन जगहों के बारे में बताते हैं जो वेज और नॉनवेज दोनों के लिए फेमस है।
लखनऊ अपने खान पान के लिए प्रसिद्ध है।
शुक्ला चाट हाउस
लखनऊ शहर में मध्य हजरतगंज में स्थित स्थित शुक्ला चाट हाउस 1968 में खुला था। यहां की सबसे पुरानी चाट की दुकानों में एक है। यहां के पानी के दही वाले बताशे / गोलगप्पे / पानीपूरी , आलू टिक्की , मटर टिक्की इतने स्वादिष्ट होते हैं कि कई किलोमीटर का सफर कर लोग यहां खाने आते हैं। यह दुकान है शुक्ला चाट हाउस में दही बड़ा और पापड़ी चाट भी मिलती है।टुंडे कबाब
प्रसिद्ध टुंडे कबाव को लखनऊ की मशहूर जगहों में एक माना जाता है। शहर के चौक बाजार स्थित लगभग 115 साल पुरानी इस दुकान में जो भी खाने आता है वो खाने का मुरीद हो जाता है। 100 से अधिक मसालों का उपयोग करने बनाया जाने वाले कबाब के साथ रूमाली रोटी को खाने के लिए लोग भारत के कई शहरों से आते हैं। यहां मिलने वाली गलावटी कबाब और सीक कबाब पूरे देश में प्रसिद्ध हैं। अगर आप कभी लखनऊ आएं तो यहां के टुंडे कबाब में खाना मत भूलिएगा।प्रकाश की मशहूर कुल्फी
अमीनाबाद स्थित, प्रकाश की मशहूर कुल्फी काफी फेमस है।प्रकाश की मशहूर कुल्फी इसलिये मशहूर है क्यूंकि यहां पर शुद्धता है और एक अलग तरह का स्वाद आपको यहाँ पर कुल्फी का मिलेगा हालाँकि आप बहुत से रेस्टोरेंट में शानदार कुल्फी मिल जाती है। ख्यालीगंज अमीनाबाद में स्थित इस दुकान में हमेशा भीड़ रहती है।नेतराम की कचौड़ी और जलेबी
नेतराम की कचौड़ी और खस्ता तो फेमस है ही, साथ में यहां की जलेबी भी प्रसिद्ध है जो देसी घी में तैयार होती है। देसी घी में तैयार पकवानों का स्वाद लेने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। अमीनाबाद, लखनऊ स्थित यह दुकान सुबह सात बजे खुल जाती है और रात 11.30 बजे तक खुली रहती है। दुकान के बाहर उमड़ी लोगों की भीड़ खुद इसकी प्रसिद्धि को बयां करती है।वाहिद की बिरयानी
वाहिद की बिरयानी भी लखनऊ में काफी फेमस है। 1955 में एक मात्र दुकान से शुरू हुआ वाहिद बिरयानी की दुकान आज कामयाबी के शिखर पर है। दुकान के बाहर जुटी भीड़ इसकी तस्दीक करती है। सुबह 11 बजे से रात 11 बजे तक खुलने वाली दुकान में हमेशा भीड़ देखी जा सकती है। लोग बिरयानी का लुत्फ उठाने के लिए दूर-दूर से आते हैं।इसके अलावा रॉयल कैफे, हजरतगंज, लालबाग स्थित सरदार जी के छोले-भटूरे, चोक की मक्खन मलाई, पंडित राजा की मशहूर ठंडाई चौक और बाजपयी कचौड़ी भंडार भी काफी फेमस है।
