Gurugram News: साइबर सिटी गुरुग्राम से एक ऐसी खौफनाक और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने समाज में खत्म होते सब्र और बढ़ती जा रही हैवानियत को उजागर कर दिया है। सेक्टर-93 की एक नामी सोसाइटी में लिफ्ट खराब होने का गुस्सा कुछ युवकों ने एक मासूम लिफ्ट ऑपरेटर पर इस कदर निकाला कि उसकी जिंदगी हमेशा के लिए अंधेरे में डूब गई।
गुरुग्राम में खौफनाक वारदात
जानकारी के मुताबिक, यह मामला 9 जून का है, जब सेक्टर-93 स्थित ऑरचेड एवेन्यू सोसाइटी के I-टॉवर की लिफ्ट अचानक बीच में अटक गई। लिफ्ट में कुछ युवक फंसे थे, जिन्होंने शोर मचाया। सूचना मिलते ही लिफ्ट ऑपरेटर गौरव सीढ़ियों से दौड़ता हुआ 7वें फ्लोर पर पहुंचा। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। जब तक गौरव और उसके साथी 7वें फ्लोर पर पहुंचे, लिफ्ट नीचे जा चुकी थी। गौरव तुरंत नीचे ग्राउंड फ्लोर की तरफ भागा ताकि फंसे लोगों को बाहर निकाल सके।
युवकों का सब्र दे चुका था जवाब
जैसे ही लिफ्ट का दरवाजा खुला, उसमें फंसे युवकों का सब्र जवाब दे चुका था। उन्होंने मदद के लिए आए गौरव का शुक्रिया अदा करने के बजाय, उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। सोसाइटी के सुरक्षाकर्मियों और स्टाफ ने किसी तरह बीच-बचाव कर गौरव को बचाया, लेकिन मुख्य आरोपी भरत का गुस्सा शांत नहीं हुआ। भरत ने लाठी-डंडों से गौरव को इस तरह पीटा कि उसकी एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए चली गई।
पुलिस विभाग में भी मचा हड़कंप
खून से लथपथ गौरव को आनन-फानन में गुरुग्राम के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। उसकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत दिल्ली AIIMS रेफर कर दिया। फिलहाल एम्स में गौरव की हालत स्थिर बनी हुई है, लेकिन डॉक्टरों ने अभी तक उसकी आंख को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। इस खौफनाक वारदात के बाद पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया है।
सोसाइटी की मेंटेनेंस कंपनी की अनदेखी
वहीं सेक्टर-93 के चौकी इंचार्ज ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त कदम उठाए हैं। गौरव की शिकायत पर तुरंत एफआईआर दर्ज कर मुख्य आरोपी भरत को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। इस मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि घटना के 7 दिन बीत जाने के बाद भी सोसाइटी की मेंटेनेंस कंपनी ने पुलिस को सीसीटीवी (CCTV) फुटेज मुहैया नहीं कराई है।
मेंटेनेंस डिपार्टमेंट को दोबारा भेजा गया नोटिस
पुलिस के मुताबिक, इस वारदात में कुछ और लोग भी शामिल थे। सीसीटीवी फुटेज न मिलने के कारण उनकी पहचान नहीं हो पा रही है। पुलिस ने मेंटेनेंस डिपार्टमेंट को दोबारा सख्त नोटिस जारी कर फुटेज की मांग की है। अब सवाल यह है कि क्या महज कुछ मिनट लिफ्ट में फंसने का गुस्सा किसी की आंख फोड़ने जितना बड़ा हो सकता है? आखिर मेंटेनेंस कंपनी सीसीटीवी फुटेज देने में क्यों कतरा रही है? क्या वो किसी और रसूखदार को बचाने की कोशिश कर रही है? पुलिस अब इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।
