Khargone News: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में अंधविश्वास और तांत्रिक क्रियाओं के नाम पर किए गए एक सनसनीखेज अपहरण मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए 22 दिन से लापता 6 वर्षीय बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने कथित तौर पर धनवर्षा और तंत्र सिद्धि के लिए मासूम का अपहरण किया था।
मामले की जानकारी देती पुलिस
10 दिसंबर को हुआ था अपहरण
यह घटना खरगोन जिले के सनावद थाना क्षेत्र के ग्राम खंगवाड़ा की है, जहां 10 दिसंबर को खेल रहे 6 वर्षीय बच्चे को क्रिकेट बैट-बॉल का लालच देकर बाइक पर बैठाया गया और अगवा कर लिया गया। बच्चे के अचानक लापता होने से इलाके में हड़कंप मच गया था।
22 दिन चला सर्च ऑपरेशन
पुलिस अधीक्षक रविन्द्र वर्मा के निर्देशन में मामले की गंभीरता को देखते हुए 100 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीमें गठित की गईं। जांच के दौरान 100 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और आरोपियों को पकड़ने के लिए साइबर सेल, FSL, फिंगरप्रिंट टीम और डॉग स्क्वॉड की मदद ली गई। साथ ही बच्चे को जंगलों, बैकवॉटर और संदिग्ध इलाकों में लगातार सर्च अभियान चलाया गया। आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए घटनास्थल पर तंत्र क्रिया से जुड़ी सामग्री, बच्चे की तस्वीर और एक डायरी भी छोड़ी थी, लेकिन पुलिस ने हर एंगल से जांच जारी रखी।
पुनासा से मिला सुराग, मासूम सुरक्षित
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि सुरेंद्र उर्फ पिंटू उर्फ अंकित, जो खुद को तांत्रिक बाबा बताता था, खंडवा जिले के पुनासा में किराए के कमरे में छिपा हुआ है। 31 दिसंबर की रात पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बाबा को बच्चे के साथ दबोच लिया और मासूम को सुरक्षित छुड़ा लिया।
तांत्रिक अंधविश्वास की खौफनाक तस्वीर
पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने बच्चे को 22 दिनों तक बंधक बनाकर उस पर अमानवीय तांत्रिक क्रियाएं कीं। बच्चे को नग्न कर, सिंदूर लगाया गया, नींबू की माला पहनाई गई और काले कपड़े ओढ़ाकर कथित तंत्र साधना की गई। पुलिस ने इस मामले में शुभम उर्फ लव यादव, जो मामले का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है, सुरेंद्र उर्फ पिंटू उर्फ अंकित (तांत्रिक), रामपाल नरवरे और धनसिंह बड़ोले को गिरफ्तार किया है।
पुलिस की सराहना
सतर्कता, टीमवर्क और तकनीकी दक्षता के दम पर खरगोन पुलिस ने समय रहते एक मासूम की जान बचा ली। इस बड़ी सफलता के बाद स्थानीय सामाजिक संगठनों, पत्रकारों और जनप्रतिनिधियों ने पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी, टीआई और सनावद थाना पुलिस टीम का स्वागत और सम्मान किया। पुलिस ने कहा कि यह मामला बताता है कि अंधविश्वास किस हद तक खतरनाक हो सकता है।
