Khandwa News: मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में स्थित प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग नगरी ओंकारेश्वर में साल के अंतिम दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ गई है। नए साल के आगमन को लेकर देशभर से भक्त यहां भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं की आवाजाही के चलते घाटों और मंदिर परिसर में भारी भीड़ देखी जा रही है।
ओंकारेश्वर में नए साल पर नहीं होगी बोटिंग (फाइल फोटो)
सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन का सख्त फैसला
नए साल के दौरान उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने एहतियातन बड़ा कदम उठाया है। थाना मांधाता के अनुरोध पर ओंकारेश्वर नगर परिषद ने नर्मदा नदी में नाव संचालन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है। यह प्रतिबंध 30 दिसंबर से 1 जनवरी तक तीन दिनों तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन का कहना है कि भीड़ के दबाव में किसी भी तरह की दुर्घटना से बचने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
बीते हादसों से लिया गया सबक
नगर परिषद के अनुसार पिछले वर्षों में नाव पलटने और अन्य दुर्घटनाओं की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें जानमाल के नुकसान की आशंका बनी रहती है। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस बार पहले से ही सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन ने नाविकों से आदेश का पालन करने की अपील की है और स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध के दौरान नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पहले से ही कुछ घाटों पर बंद है बोटिंग
गौरतलब है कि ओंकारेश्वर के कोटी चक्र तीर्थ घाट और चक्रतीर्थ घाट पर 26 दिसंबर से ही नाव संचालन प्रतिबंधित किया जा चुका है। अब नववर्ष के अवसर पर पूरे तीर्थ नगरी क्षेत्र में सभी घाटों से नाव संचालन पर रोक लगा दी गई है, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
तैयारियों की समीक्षा, सीसीटीवी से निगरानी
शुक्रवार को पुनासा एसडीएम पंकज वर्मा ने मांधाता स्थित कंट्रोल रूम में नगर परिषद, पुलिस, राजस्व, पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य विभाग, एनएचआई और श्रीजी ज्योतिर्लिंग मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने पेयजल, शौचालय, यातायात, दर्शन व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुचारू रखने के निर्देश दिए। श्रद्धालुओं की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
