Kedarnath Yatra: उत्तराखंड में केदारनाथ पैदल मार्ग को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है। यहां गौरीकुंड से लगभग एक किलोमीटर आगे छौड़ी क्षेत्र में पहाड़ी से भारी बोल्डर और मलबा गिरने के कारण मार्ग बाधित हो गया था। अब इस मार्ग को कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद दोबारा खोल दिया गया। रास्ता सुचारु होते ही रुके हुए तीर्थ यात्रियों ने राहत की सांस ली और प्रशासन की निगरानी में यात्रा फिर से शुरू कराई गई।
केदारनाथ पैदल मार्ग पर आवाजाही फिर बहाल हुई
प्रशासन के अनुसार कल यानी मंगलवार 21 जुलाई देर रात हुई तेज बारिश के बाद छौड़ी क्षेत्र में अचानक भूस्खलन (Landslide) हो गया। इस लैंडस्लाइड के चलते केदारनाथ जाने वाला पैदल मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तुरंत इस मार्ग पर आवाजाही बंद कर दी गई। श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया।
बुधवार सुबह डीडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय मजदूरों की संयुक्त टीम ने राहत व बहाली अभियान शुरू किया। कई घंटों तक लगातार बोल्डर और मलबा हटाने के बाद मार्ग को सुरक्षित बनाया गया। इसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा जांच पूरी कर नियंत्रित तरीके से यात्रियों की आवाजाही बहाल कर दी।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि लगातार कोशिशों के बाद पैदल मार्ग पूरी तरह सुचारु कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यात्रा प्रशासन की निगरानी में संचालित की जा रही है। श्रद्धालुओं से मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरतने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
उत्तराखंड में सक्रिय मानसून के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बारिश हो रही है। ऐसे में भूस्खलन और चट्टान गिरने की घटनाओं की आशंका बनी हुई है। प्रशासन ने संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी बढ़ा दी है तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत व बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा शुरू करने से पहले मौसम और प्रशासन की ताजा एडवाइजरी जरूर देख लें।
