कर्नाटक के प्रशासनिक गलियारों में उस समय हड़कंप मच गया जब राज्य के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार के अचानक गायब होने की खबर सामने आई। वर्ष 2016 बैच के आईएएस अधिकारी गंगवार पिछले कुछ दिनों से अपने परिवार और सहयोगियों के संपर्क से बाहर हैं। कर्नाटक सरकार ने शनिवार को इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए बताया कि अधिकारी की तलाश के लिए जांच शुरू कर दी गई है।
कर्नाटक के एमएसएमई निदेशक की तलाश में जुटी पुलिस (फाइल फोटो)
लापता अधिकारी वर्तमान में कर्नाटक के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के निदेशक पद पर तैनात हैं। सूत्रों के मुताबिक, वह 20 अगस्त से किसी के संपर्क में नहीं हैं। उन्होंने दिल्ली जाने के लिए बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से विमान का टिकट बुक कराया था।
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मामले की जानकारी देते हुए कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने बताया कि सरकार को इस स्थिति की जानकारी मिल चुकी है, लेकिन अभी तक अधिकारी के परिवार या किसी अन्य व्यक्ति की तरफ से पुलिस में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि गंगवार से संपर्क करने के सभी साधन बंद हैं और फोन स्विच ऑफ आ रहा है। एयरपोर्ट से मिली शुरुआती जानकारियों के आधार पर पुलिस और जांच एजेंसियां उनकी आखिरी गतिविधियों का पता लगाने में जुटी हैं।
कर्नाटक सरकार क्या बोली?
यह घटनाक्रम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार इससे पहले कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) में परीक्षा नियंत्रक के पद पर तैनात थे, जिन्हें इस साल मार्च में वहां से हटा दिया गया था। हालांकि, सरकार का कहना है कि उनके गायब होने का संबंध केपीएससी के हालिया विवादों से है या नहीं, इसकी फिलहाल कोई पुष्टि नहीं की जा सकती।
राज्य में सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज
दूसरी तरफ, केपीएससी में भर्ती और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर राज्य में सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज है। राज्य मंत्रिमंडल ने हाल ही में केपीएससी अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस. साहूकार को निलंबित करने और उनके खिलाफ जांच की सिफारिश राज्यपाल से की है। इस पूरे माहौल के बीच एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी का अचानक इस तरह लापता होना प्रशासन के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गया है।
