कानपुर के पॉश इलाके निराला नगर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां स्थित ब्लॉसम अपार्टमेंट में रहने वाले 47 वर्षीय सरकारी डॉक्टर संदीप सिंह ने रविवार देर रात अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से सीने में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना के वक्त अपार्टमेंट में उनकी पत्नी कंचन, 4 साल की बेटी और 6 महीने का बेटा मौजूद थे। शुरुआती जांच और परिजनों के बयानों के आधार पर पुलिस का मानना है कि इस खौफनाक कदम के पीछे पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहा पारिवारिक विवाद मुख्य वजह है।
मृतक की फाइल फोटो
पूजा घर में बैठकर खुद को मारी गोली
पुलिस और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, घटना रविवार देर रात की है। कानपुर देहात के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (CHC) में पदस्थ डॉ. संदीप सिंह का रात में अपनी पत्नी कंचन के साथ किसी बात को लेकर तीखा विवाद हुआ था। विवाद के बाद संदीप अपार्टमेंट के भीतर बने पूजा घर में चला गया और अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर निकाली। मंदिर के सामने बैठकर उसने सीधे अपने सीने में गोली मार ली। गोली की गूंज सुनते ही पत्नी कंचन भागकर कमरे में पहुंचीं, जहां संदीप फर्श पर खून से लथपथ पड़ा था। आनन-फानन में परिजन उन्हें रीजेंसी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
क्या बोले मृतक के पिता
मृतक डॉक्टर के पिता राज बहादुर सिंह ने पीटीआई से बताया कि रविवार रात करीब 9:30 बजे उनकी अपने बेटे संदीप से फोन पर बात हुई थी, जिसमें उन्होंने हाल-चाल पूछा था। उसके कुछ ही समय बाद बहू कंचन का रोते हुए फोन आया कि संदीप ने खुद को गोली मार ली है। पिता ने बताया कि साल 2019 में कासगंज की रहने वाली कंचन से शादी के बाद से ही दोनों के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर अक्सर झगड़े होते थे, जिसे वे कई बार समझा-बुझाकर शांत कराया करते थे।
दो शादियां, 9 साल LLR अस्पताल में सेवा और फिर विवाद
डॉ. संदीप सिंह का पेशेवर करियर काफी सफल रहा था, लेकिन निजी जिंदगी तनावपूर्ण दौर से गुजर रही थी। संदीप LLR अस्पताल कानपुर में 9 साल सेवा दी, फिर 6 साल कन्नौज में रहा। वर्तमान में 1.5 साल से कानपुर देहात CHC में तैनात था। पहली शादी 2007 में कानपुर की MBBS डॉक्टर से हुई थी, जो 2018 में आपसी सहमति से तलाक पर खत्म हुई, इस रिश्ते से संदीप का एक 12 साल का बेटा है। संदीप की दूसरी शादी 2019 में कंचन से हुई, जिससे उसकी 4 साल की बेटी और 6 महीने का बेटा है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल, डीसीपी (साउथ) दीपेंद्र नाथ चौधरी और किदवई नगर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने घटना स्थल से खून के नमूने और लाइसेंसी रिवाल्वर को अपने कब्जे में ले लिया है। शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। डीसीपी दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला पारिवारिक कलह का ही लग रहा है। हालांकि, सभी कोणों की गहनता से जांच की जा रही है और परिजनों और पड़ोसियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
