Kanpur News: कानपुर नगर कमिश्नरेट पुलिस ने गुरुवार को वित्तीय धोखाधड़ी के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश करते हुए इसके मास्टरमाइंड महफूज अली उर्फ 'पप्पू छुरी' को गिरफ्तार कर लिया है। जाजमऊ इलाके से पकड़ा गया यह आरोपी फर्जी कंपनियां बनाकर 146 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन और टैक्स चोरी के इस खेल का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है।
पुलिस हिरासत में आरोपी पप्पू छुरी
मजदूरों के नाम पर शेल कंपनियां और 68 बैंक खाते
पुलिस की जांच में सामने आया कि यह गैंग बेहद शातिर तरीके से काम करता था। ये लोग कम पढ़े-लिखे मजदूरों को झांसा देकर उनके PAN कार्ड हासिल करते थे और उनके नाम पर फर्जी कंपनियां रजिस्टर कराते थे। चकेरी पुलिस, साइबर सेल और सर्विलांस यूनिट की संयुक्त कार्रवाई में पता चला कि अकेले 'अफीसा एंटरप्राइजेज' नामक एक फर्म के जरिए ही 146 करोड़ रुपये का ट्रांजैक्शन किया गया। महफूज ने अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर लगभग 68 बैंक खाते खुलवा रखे थे।
स्क्रैप और बूचड़खाने के धंधे से जुड़ा है कनेक्शन
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने शुक्रवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि इस रैकेट का इस्तेमाल मुख्य रूप से स्क्रैप (कबाड़) और बूचड़खाने के कारोबार से जुड़े लोग पैसा घुमाने के लिए कर रहे थे। महफूज इन फर्जी खातों में पैसा मंगवाता था और फिर कैश निकालकर अपना कमीशन काटकर वापस कर देता था। यह पूरा खेल GST चोरी, इनकम टैक्स फ्रॉड और हवाला के जरिए अंजाम दिया जा रहा था।
वकील फिरोज खान है असली सिंडिकेट का दिमाग
पुलिस ने इस सिंडिकेट के असली मास्टरमाइंड के रूप में फिरोज खान नाम के एक वकील की पहचान की है। फिरोज ही इन फर्जी फर्मों के लिए GST रजिस्ट्रेशन और अन्य कानूनी कागजात तैयार करवाता था। पुलिस अब फिरोज और उसके अन्य साथियों की तलाश में जुटी है। महफूज अली के खिलाफ पहले से ही छह आपराधिक मामले दर्ज हैं।
देशभर में फैला है जाल
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस गिरोह के तार केवल उत्तर प्रदेश तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और पश्चिम बंगाल तक फैले हुए हैं। इस मामले में GST और आयकर विभाग के अधिकारी भी पुलिस की मदद कर रहे हैं। पुलिस अब उन सभी लोगों को नोटिस जारी कर रही है जिन्होंने इस फर्जीवाड़े का फायदा उठाया, जिनमें ताहिर, अजमेरी और रुस्तम जैसे नाम शामिल हैं।
