कानपुर

कानपुर में दिखा कोविड काल जैसा नजारा, एक दिन में 300 से अधिक शवों का अंतिम संस्कार

कानपुर में कोविड काल जैसा नजारा दिखा है। शहर में एक दिन में 300 से अधिक शवों का अंतिम संस्कार किया गया है। इसमें सिर्फ कुछ घाटों के आंकड़े शामिल हैं, जबकि कई घाटों पर कितने शव के अंतिम संस्कार हुए, उसकी संख्या शामिल नहीं है।

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सांकेतिक फोटो।

Photo : iStock

Kanpur News: कहा जाता है कि सर्दी का मौसम बुजुर्ग और बीमार लोगों के लिए काल बनकर आता है, लेकिन ये गर्मी भी इससे कुछ कम नहीं है। यूपी में भीषण गर्मी के बीच कानपुर से भयावह तस्वीरें सामने आई हैं, जो कोरोना काल की याद दिला रही है। कानपुर में बीते दिन बड़ी तादाद में शवों के अंतिम संस्कार हुए। इसके पीछे गर्मी को एक कारण माना जा रहा है।

एक दिन में 300 से अधिक शवों का अंतिम संस्कार

कानपुर में अंतिम संस्कार के लिए घाटों पर अर्थियों की लंबी कतारें दिखी। दैनिक अखबार हिंदुस्तान के अनुसार, कानपुर में एक दिन में 331 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। यह नजारा कोविड काल की याद दिला रहा था, जब कोरोना काल के वक्त घाटों पर ऐसे ही अंतिम संस्कार के लिए शवों की लंबी कतार दिखती थी। बता दें कि ये सिर्फ कुछ घाटों के आंकड़े हैं। इसके अलावा भी कई घाट हैं, जहां शवों का अंतिम संस्कार किया गया है, जो आंकड़े इसमें नहीं जुड़े हैं।

कानपुर में शवगृह में व्यवस्थाओं की कमी

वहीं, कानपुर शवगृह में व्यवस्था की कमी के कारण शव खराब होने लगे हैं। कई शव से बदबू आने लगे हैं, क्योंकि भीषण गर्मी के बीच शवों को रखना मुश्किल हो रहा है। इसकी बड़ी वजह है व्यवस्था की कमी। जानकारी के अनुसार, कानपुर पोस्टमार्टम हाउस में चार डीप फ्रीजर हैं, लेकिन गर्मी के बीच सब खराब हो चुके हैं, जिस वजह से उसमें शव को नहीं रखा जा सकता है। साथ ही शवगृह में एसी की कमी भी है। इसके अलावा कर्मचारियों की संख्या भी कम है, जिस वजह से कई शव सड़ने लगे हैं।

Devshanker Chovdhary
Devshanker Chovdhary author

<p>देवशंकर चौधरी मार्च 2024 से Timesnowhindi.com के साथ करियर को आगे बढ़ा रहे हैं और बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। टाइम्स नाउ सिटी टीम में वह इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स और लोगों से जुड़ी स्टोरी करते हैं। हर स्टोरी में अलग एंगल निकालने पर फोकस रहता है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं।&nbsp;बीते वर्षों में टेलीविजन और डिजिटल मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं। इससे पहले इन्होंने दैनिक जागरण, यूनीवार्ता, एबीपी न्यूज और रोहतास पत्रिका में काम किया है। दैनिक जागरण में रियल टाइम डेस्क पर काम कर चुके हैं, जहां वर्ल्ड अफेयर्स और नेशनल बीट की खबरें करते थे। यूनीवार्ता में नेशनल और विदेश डेस्क पर काम कर चुके हैं। एबीपी न्यूज में डिजिटल टीम का हिस्सा रह चुके हैं। रोहतास पत्रिका में काम करने के दौरान कोविड काल में बिहार के कई जिलों में घूम-घूम कर काम करने का अनुभव है। ग्रेजुएशन के दौरान ही पत्रकारिता से जुड़ गए थे, जिस दौरान दैनिक अखबारों के साथ काम किया है। अकाउंटिंग एंड मैनेजमेंट ऑनर्स में स्नातक और जनसंचार में स्नातकोत्तर हैं।</p>

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