Kanpur: ऑटो से मस्ती में जा रहा शख्स, भाषा सुन पुलिस का ठनका माथा, नाम सुनते ही...

कानपुर के बड़ा चौराहा पर वाहनों की जांच चल रही थी, इसी बीच एक ऑटो चालक को रोका गया। जब उससे ऑटो के कागजात और उसका नाम पूछा गया, तो वह सही से जवाब नहीं दे सका। पुलिस को शक होने पर जब उन्होंने छापा मारा तो एक चौंकाने वाली सच्चाई उजागर हुई।

कानपुर : यूपी पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे एक रोहिंग्या व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। मो. साहिल नामक यह व्यक्ति शुक्लागंज के मनोहर नगर में अपने परिवार के साथ रह रहा था। यह ऑटो चलाकर अपना जीवन यापन कर रहा था। पुलिस ने उसे बड़ा चौराहा पर चेकिंग के दौरान पकड़ा, जहां उसकी भाषा और चेहरे पर संदेह होने के बाद गहन पूछताछ की गई। पूछताछ में साहिल ने बताया कि वह म्यांमार का निवासी है और बांग्लादेश के डिटेंशन सेंटर में तीन साल बिताने के बाद भारत आया। साहिल ने अपनी बहन और उसके परिवार की मदद से फर्जी आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाए थे। पुलिस ने उसके घर पर छापा मारा, लेकिन वहां कोई दस्तावेज नहीं मिला।

Police

(सांकेतिक फोटो)

कैसे पहुंचा कानपुर

साहिल ने बताया कि वह 2013-14 में अपने परिवार के साथ बांग्लादेश से निकलकर भारत आया था। उसने बांग्लादेश के काक्स बाजार से असोम होते हुए कानपुर पहुंचा। पुलिस ने बताया कि साहिल के पास मिले आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस के आधार पर उन लोगों की भी तलाश की जा रही है जिन्होंने उसे संरक्षण दिया। डीसीपी ईस्ट सत्यजीत गुप्ता ने कहा कि मामले की गहन जांच की जा रही है, जिसमें यह पता लगाया जाएगा कि साहिल बिना वीजा और पासपोर्ट के भारत कैसे आया और उसके पहचान पत्र बनाने में किसने मदद की

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