Kanpur House Collapse: कानपुर के साढ़ थाना क्षेत्र में रविवार को बड़ा हादसा हो गया। हिरनी गांव में एक कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया। इस दर्दनाक हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस व प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य में जुट गई। हालांकि, परिजनों ने पुलिस के समय पर न पहुंचने और स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की गैर-मौजूदगी को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।
कानपुर में भरभराकर गिरा कच्चा घर
जानकारी के अनुसार, पिछले कई दिनों से लगातार बारिश हने के कारण मकान की दीवारें और छत बेहद कमजोर हो चुकी थीं।रविवार सुबह करीब 9:30 बजे जब परिवार के सदस्य घर में मौजूद थे, तभी अचानक कच्चा मकान भरभराकर गिर पड़ा। मकान ढहने की खबर फैलते ही मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंच गए। घटनास्थल पर हजारों लोगों की भीड़ जमा हो गई है। बताया जा रहा है कि लोगों ने अपने स्तर पर मलबा हटाकर दबे हुए लोगों को निकालना शुरू किया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे पांचों लोगों को बाहर निकाला गया। जिसके बाद उन्हें पतारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया।
बताया जा रहा है कि इस मकान में मुकेश (45) अपनी चार बेटियों के साथ रहता था। वह पेशे से मजदूर था। जब स्थानीय लोगों ने पांचों घायलों को अस्पताल पहुंचाया, तब डॉक्टरों ने पिता और तीन बेटियों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार, मृतकों में मुकेश (45), माया (16), नीतू (12) और पल्लवी (7) शामिल हैं। वहीं 19 वर्षीय काजल की हालत नाजुक बनी हुई है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया है। परिजनों के अनुसार, काजल का विवाह एक सामूहिक सम्मेलन के जरिए तय हुआ था और उसकी शादी दिसंबर में होनी थी।
परिजनों ने पुलिस और स्वास्थ्य प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोपी
मृतक के परिजनों ने पुलिस व स्वास्थ्य प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हादसे के तुरंत बाद साढ़ पुलिस को लगातार फोन करने के बावजूद काफी देर तक किसी ने कॉल उठाया नहीं। पुलिस के समय पर न पहुंचने के कारण ग्रामीणों को खुद ही रेस्क्यू करना पड़ा। परिजनों का यह भी आरोप है कि घायलों को जब पतारा सीएचसी लाया गया, तब वहां डॉक्टर मौजूद नहीं थे। समय पर समुचित इलाज मिलता तो शायद जानें बचाई जा सकती थीं। परिजनों ने हादसे की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराकर लापरवाह जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेकर जरूरी वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
