कल का मौसम (Kal Ka Mausam) : उत्तर भारत भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं। कई स्थानों पर अधिकतम पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे हीटवेव का अलर्ट घोषित है। इसी बीच मौसम विभाग ने शनिवार-रविवार को हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार में भीषण गर्मी के बीच बादलों के छाए रहने और धूल भरी आंधी के साथ बूंदाबांदी या हल्की बारिश की संभावना जताई है, जिससे मामूली तौर पर तपिश से राहत मिल सकती है। वहीं, पहाड़ों पर एक्टिव वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बारिश-बर्फबारी रिकॉर्ड की जाएगी। इस दौरान ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा जताया गया है। स्काईमेट ने पूर्वोत्तर के कई राज्यों में झमाझम बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। अगले 5 दिनों तक दक्षिण भारत में एंटी साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से केरल, तेलंगाना, कर्नाटक और पश्चिमी घाट के साथ मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ जिलों में तूफानी हवाओं के साथ बादलों के बरसने के संकेत हैं। हालांकि, कई हिस्सों पर लू का क्रम जारी रहेगा।
मौसम आज कल
यूपी में कैसा रहेगा मौसम
उत्तर प्रदेश में सूरज की तपिश बेहाल कर रही है। आईएमडी ने कई जिलों में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास है। बुंदेलखंड के कई जिलों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है, जिससे लोगों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, मौसम विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ के असर से 28 अप्रैल से पश्चिमी यूपी के कई हिस्सों पर धूल भरी आंधी और बारिश के आसार हैं। हालांकि, इस मौसम का असर और किन भागों पर रहेगा। इसका पुख्ता अलर्ट नहीं है, लेकिन इससे 2 से 4 डिग्री तापमान में कमी आने का अनुमान है।
बिहार में आज बारिश होगी क्या
बिहार में लगातार बढ़ते तापमान पर बादल राहत ब्रेक लगा सकते हैं। मौसम विभाग ने बताया कि रविवार को कुछ हिस्सों पर पश्चिमी विक्षोभ का असर रहेगा, जिसके प्रभाव से धूल भरी आंधी के साथ बारिश की संभावना बन रही है। इस दौरान मेघ गर्जन के साथ ठनका गिरने की चेतावनी है। पटना मौसम केंद्र के मुताबिक, कटिहार, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, मधेपुरा, सहरसा और सुपौल में बारिश एवं वज्रपात का येलो अलर्ट जारी है। लिहाजा, खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की आवश्यकता है।
दिल्ली-एनसीआर में बारिश होगी क्या
दिल्ली-एनसीआर भट्टी सा तप रहा है। दिन के साथ रात भी बेहद गर्म प्रतीत हो रही है। लगातार बढ़ते तापमान के बीच लू का येलो अलर्ट जारी है। अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास है। मौसम विभाग ने बताया कि 26 अप्रैल से मौसम में बदलाव की संभावना है। बादलों के छाए रहने के साथ धूल भरी हवाएं चल सकती हैं और कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन पारा 43 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। 27 अप्रैल को भी मेघ गर्जन के साथ आकाशीय बिजली कड़केगी और साथ बादल राहत बरसा सकते हैं। हालांकि, 28 और 29 को मौसम और गहरा सकता है, जिससे आंशिक तौर पर पारा लुढ़क सकता है, जिससे लोगों को धूप और गर्मी से मामूली राहत मिलेगी। मौसमी गतिविधियां होने से पॉल्यूशन के स्तर पर कमी आ सकती है।
राजस्थान में कैसा रहेगा मौसम
राजस्थान के अधिकांस जिलों में भीषण गर्मी और लू का दौर जारी है। शनिवार को बाड़मेर में अधिकतम तापमान 45.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 5.4 डिग्री अधिक है। जयपुर मौसम विभाग ने बताया कि राज्य के कई स्थानों पर लू जैसी परिस्थितियां हैं। जैसलमेर में 44.9 डिग्री, बीकानेर में 44.5, जोधपुर में 44.4 और कोटा में 44.3 डिग्री, चित्तौड़गढ़ में 44.2, श्रीगंगानगर में 43.9, पिलानी और चूरू में 43.7, जयपुर और अलवर में 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आईएमडी का अनुमान है कि 26 से 29 अप्रैल के बीच एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव रहेगा, जिससे कुछ स्थानों पर धूल भरी बारिश एवं हल्की बूंदाबांदी या हल्की बारिश होने का अनुमान है, जिससे तापमान में कमी आ सकती है।
उत्तराखंड में कल का मौसम
उत्तराखंड में अगले कुछ घंटे मौसम भारी रहेगा। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से रविवार को मौसमी गतिविधियां हो सकती हैं। आईएमडी ने पिथौरागढ़, चमोली, बागेश्वर, रूद्रप्रयाग और उत्तरकाशी समेत कई जिलों के ऊंचाई वाले भागों पर बारिश एवं बर्फबारी के बीच अंधड़ चलने का अलर्ट है। इसके अतिरिक्त अल्मोड़ा, टिहरी, देहरादून और नैनीताल में भी मेघ गर्जन के साथ आकाशीय बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी एवं बारिश से मौसम सुहावना होगा। तापमान में कमी आने से लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
हिमाचल प्रदेश में मौसम कैसा है
हिमाचल प्रदेश के मैदानी भागों पर गर्मी से लोग परेशान हो रहे हैं, लेकिन पहाड़ी हिस्सों पर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से मौसमी गतिविधियां जारी हैं, जिससे तापमान कंट्रोल है। शिमला मौसम केंद्र ने अगले 2 दिन तक राज्य के शिमला मंडी, कुल्लू, कांगड़ा के पर्वतीय और मध्य भागों पर तेज आंधी, बारिश-बर्फबारी और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा जताया है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। आईएमडी ने 28 अप्रैल को खराब मौसम का येलो अलर्ट जारी है और 30 अप्रैल को बारिश की संभावना व्यक्त की है। उधर, जम्मू-कश्मीर के घाटी इलाकों में विक्षोभ का असर है, जिससे बारिश-बर्फबारी की गतिविधियां जारी हैं और तापमान सामान्य है, जिससे लोगों को सर्दी का एहसास हो रहा है।
गुवाहाटी में भारी बारिश का अलर्ट
असम में अगले तीन से चार दिन मौसम बेहद खतरनाक रहेगा और भारी बारिश होने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुवाहाटी में अगले 24 घंटे के दौरान 7 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश हो सकती है। इस दौरान तेज बादलों की गड़गड़ाहट, 70 की रफ्तार आंधी-तूफान और बिजली गिरने के साथ मूसलाधार बारिश से मौसम खराब हो सकता है। आईएमडी ने खराब मौसम के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
26 अप्रैल (रविवार) का तापमान
| शहर का नाम | न्यूनतम तापमान | अधिकतम तापमान |
| दिल्ली | 27°C | 40°C |
| चंडीगढ़ | 26°C | 39°C |
| मुंबई | 28°C | 34°C |
| चेन्नई | 27°C | 34°C |
| बेंगलुरु | 22°C | 36°C |
| कोलकाता | 27°C | 37°C |
| रांची | 25°C | 38°C |
| पटना | 26°C | 40°C |
| लखनऊ | 27°C | 41°C |
| भोपाल | 28°C | 41°C |
| जयपुर | 28°C | 40°C |
| देहरादून | 19°C | 31°C |
| शिमला | 16°C | 28°C |
| कश्मीर | 8°C | 18°C |
केरल-कर्नाटक में कैसा है मौसम
दक्षिण भारत में प्री मानसून की गतिविधियां के संकेत मिल रहे हैं। एक कमजोर साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से मौसम में बड़े बदलाव की संभावना है। आईएमडी ने अगले कुछ घंटे केरल, कर्नाटक और तेलंगाना के तटीय हिस्सों पर 50 किमी. की रफ्तार वाली हवाओं के साथ मेघ बरसेंगे। इस दौरान आकाशीय बिजली कड़कने और तेज हवाओं के कारण पेड़ टूटने का खतरा जताया है। उधर, पश्चिमी घाट के कुछ जिलों के साथ मराठवाड़ा में धूल वाली आंधी के साथ पानी बरसेगा, जबकि मध्य महाराष्ट्र के कुछ भागों पर मौसमी गतिविधियों के साथ ओलावृष्टि हो सकती है। वहीं, गुजरात के कुछ हिस्सों पर मौसम का असर दिखाई दे सकता है।
पूर्वोत्तर में आंधी-तूफान बारिश
पूर्वोत्तर के राज्यों में अगले सप्ताह भी मौसम खराब रहने का अलर्ट घोषित है। स्काईमेट ने बताया कि असम, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में 60 से 70 किलोमीटर की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी, जिससे लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। ये मौसमी गतिविधियां एक चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से हो रही हैं। कई हिस्सों में बादलों की गरज के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। हालांकि, कई राज्यों में लू की गतिविधियां गर्मी को बढ़ाएंगी।
गर्मी कहां पड़ रही
देश के अधिकांश भागों पर तापमान में बढ़ोतरी जारी है। हालांकि, अभी भी हिमालयी राज्यों पर बर्फबारी से मौसम सर्द है, लेकिन उत्तर भारत में न्यूनतम और अधिकतम तापमान बढ़ रहा है। लिहाजा, अगले सप्ताह तक मौसम काफी गर्म महसूस होगा। फिलहाल, दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और गुजरात, महाराष्ट, छत्तीसगढ़, झारखंड, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के अधिकांश भागों पर गर्मी का सिलसिला शुरू हो गया है। जल्द ही कुछ राज्यों में लू और सनबर्न का अलर्ट जारी हो सकता है।
हीटवेव क्या है?
मार्च की शुरुआत से ही अधिकांश राज्यों में तापमान बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 2 से 4 दिन में तेलंगाना, विदर्भ, मराठवाड़ा, तमिलनाडु और रायमसीला में दिन का तापमान तेजी से बढ़ सकता है। अगले 10 दिन में 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। मैदानी इलाकों में हीटवेव के 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होना आवश्यक है, जो सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा होना चाहिए। तटीय क्षेत्रों के लिए यह सीमा 37 डिग्री सेल्सियस और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए 30 डिग्री सेल्सियस निर्धारित है। इस दौरान डीहाइड्रेशन, हीट क्रैम्प्स और जानलेवा हीटस्ट्रोक होने का खतरा बढ़ सकता है। ले चलमे से चक्कर आना, बेहोशी इत्यादि आने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
सनबर्न क्या होता है?
गर्मी का सीजन शुरू होने के संकेत मिलने लगे है। लिहाजा गर्मियों के सीजन से बचाव के लिए सनबर्न का अलर्ट जारी किया जाता है। दरअसल, एक्सपर्ट के मुताबिक, सनबर्न त्वचा के लिहाज से काफी हानिकारक माना जाता है। चिकित्सीय भाषा में इसे डर्माटाइटिस सोलारिस कहा जाता है। सनबर्न सूरज की यूवी किरणों के अधिक संपर्क में आने से होती है। इससे स्किन पर इरिटेशन होने लगती है, जिससे त्वचा में छाले, सूजन और लाल दाग पड़ने लगते हैं और दर्द महसूस होता है। यानी की अधिकांश केस में स्किन झुलस जाती है, जिससे उसका कलर डार्क प्रतीत होता है।
कब आएगा मानसून?
मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि प्री मानसून जल्द ही दस्तक देख सकता है। हालांकि, जून महीने के दौरान मानसून एंट्री दे सकता है, लेकिन गति थोड़ी धीमी रहेगी और अत्यधिक बारिश की संभावना नहीं है। माना जा रहा है कि जून में उत्तर पश्चिम भारत में भीषण लू और गर्म हवाएं चलेंगी, लेकिन दक्षिण और पूर्वोत्तर में बारिश की गतिविधियां बढ़ने से तीव्र मानसून के आगे बढ़ने के आसार रहेंगे। हालांकि, मानसून सामान्य से कम रहेगा। उत्तर भारत में कम बल्कि पूर्वोत्तर भारत बिहार, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय में बेहतर बारिश को होने की उम्मीद है।
