Kal Ka Mausam 15 September 2026: देश के कई हिस्सों में मानसूनी सिस्टम सक्रिय रहने से अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में हल्की बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है, जबकि कुछ राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट भी रहेगा। बिहार में बाढ़ की स्थिति के बीच मध्य, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है। 14 सितंबर 2026 को सुबह 8:30 बजे के मौसम संबंधी अपडेट के अनुसार, मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण में बना हुआ है, जबकि इसका पूर्वी सिरा औसत समुद्र तल पर अपनी सामान्य स्थिति के आसपास है।
कल का मौसम कैसा रहेगा? (AI फोटो)
दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और उससे सटे उत्तरी गुजरात के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है, जो इससे पहले दक्षिण-पश्चिमी मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में बना था। इस सिस्टम से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण निचले क्षोभमंडलीय स्तरों पर झारखंड, मध्य प्रदेश और उत्तरी छत्तीसगढ़ तक फैली ट्रफ से जुड़ा हुआ है। वहीं, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटों के ऊपर निचले और मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक से लेकर दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी तक निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर एक ट्रफ सक्रिय है। मध्य क्षोभमंडलीय पश्चिमी हवाओं में एक पश्चिमी विक्षोभ भी ट्रफ के रूप में मौजूद है, जिसकी धुरी करीब 76 डिग्री पूर्वी देशांतर के साथ 31 डिग्री उत्तरी अक्षांश के उत्तर में बनी हुई है।
दिल्ली में कल का मौसम
दिल्ली में कल आसमान मुख्य रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। सुबह से दोपहर के बीच कुछ एक स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली में अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने के आसार हैं। अधिकांश इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.6 से 3 डिग्री सेल्सियस तक नीचे रह सकता है, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास रहने की संभावना है। इस दौरान सुबह के समय पूर्व दिशा से हवाएं चलेंगी, जिनकी रफ्तार करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। दोपहर में हवा की गति घटकर लगभग 12 किलोमीटर प्रति घंटे रह जाएगी और इसकी दिशा दक्षिण-पूर्वी रहने की संभावना है। शाम और रात के समय भी दक्षिण-पूर्व दिशा से करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
यूपी में कल का मौसम कैसा रहेगा?
15 सितंबर को उत्तर प्रदेश में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी कई इलाकों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 16 से 20 सितंबर तक और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 16 से 18 सितंबर के बीच कहीं-कहीं बारिश होने के आसार हैं। 15 सितंबर को प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं। खासतौर पर पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम के इस बदलाव के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खुले इलाकों में गरज-चमक के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना बेहतर रहेगा। अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में बारिश का सिलसिला अलग-अलग क्षेत्रों में बना रह सकता है।
बिहार के 15 जिलों में बाढ़ से 49.36 लाख लोग प्रभावित
बिहार में पिछले चार-पांच दिनों से लगातार हो रही बारिश और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के 15 जिलों में 49.36 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं और कई नदियां विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। आपदा प्रबंधन विभाग (डीएमडी) ने सोमवार को जारी बयान में बताया कि पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया जिलों के 88 प्रखंडों की 575 ग्राम पंचायतों के 49.36 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। एक अधिकारी ने बताया कि लगातार बारिश तथा नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण राज्य की कई नदियों और जलधाराओं का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। बलतारा और कुरसेला में कोसी नदी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक नदी, दीघा, गांधी घाट, हथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में गंगा नदी, श्रीपालपुर में पुनपुन नदी, बेनीबाद में बागमती नदी तथा दरौली में घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। डीएमडी ने बताया कि बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय और अररिया शामिल हैं। फिलहाल राज्य में बारिश का दौर जारी रह सकता है।
राजस्थान में कल के मौसम का हाल
कल राजस्थान में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी राजस्थान के कुछ इलाकों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। वहीं, पूर्वी राजस्थान में भी अलग-अलग स्थानों पर बारिश होने के आसार हैं। पूर्वी राजस्थान में 16 से 20 सितंबर तक कहीं-कहीं बारिश का दौर बना रह सकता है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में 17 और 18 सितंबर के बीच हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। 15 सितंबर को राजस्थान के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। पूर्वी राजस्थान में इस दौरान आंधी के साथ तेज हवाएं चलने की भी संभावना है, जिनकी रफ्तार करीब 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है और झोंकों के दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है। पश्चिमी राजस्थान में भी 16 सितंबर को गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।
मध्य भारत में बारिश होने के आसार
वहीं छत्तीसगढ़ और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 15 से 20 सितंबर तक कुछ जगहों पर बारिश का दौर जारी रह सकता है। पूर्वी मध्य प्रदेश में भी इस दौरान अलग-अलग स्थानों पर बारिश होने के आसार हैं। वहीं, विदर्भ में 16 से 20 सितंबर के बीच कहीं-कहीं बारिश देखने को मिल सकती है। इस अवधि में कुछ इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं। छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 15 से 18 सितंबर के बीच अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली चमकने की संभावना है।
पूर्वोत्तर में भी जमकर होगी बारिश
पूर्वोत्तर भारत के राज्यों की बात करें तो यहां अरुणाचल प्रदेश तथा असम और मेघालय में 15 से 17 सितंबर के बीच कई स्थानों पर बारिश होने के आसार हैं, जबकि 18 से 20 सितंबर के दौरान भी इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर वर्षा हो सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 15 से 20 सितंबर के बीच अलग-अलग स्थानों पर बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस दौरान अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 15 से 18 सितंबर के बीच कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा, अरुणाचल प्रदेश में 15 और 16 सितंबर को गरज-चमक और बिजली गिरने की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 15 और 16 सितंबर के दौरान गरज-चमक के साथ बिजली चमकने के आसार हैं। असम और मेघालय में 15 से 18 सितंबर के बीच ऐसी मौसमी गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
दक्षिण भारत में 20 सितंबर तक रहेगा मौसम सक्रिय
दक्षिण भारत में 15 से 20 सितंबर के दौरान मौसम के सक्रिय रहने की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग स्थानों पर बारिश होने के आसार हैं। तटीय कर्नाटक और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 17 से 20 सितंबर के बीच कहीं-कहीं बारिश हो सकती है, जबकि तेलंगाना में 15 से 19 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। केरल, माहे और लक्षद्वीप में 15 से 20 सितंबर के दौरान कई स्थानों पर बारिश देखने को मिल सकती है। वहीं, तेलंगाना में 20 सितंबर को भी कई इलाकों में बारिश होने के आसार हैं। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक और बिजली गिरने की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं।
केरल, माहे और लक्षद्वीप में 15 से 19 सितंबर के बीच गरज-चमक की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 15 और 16 सितंबर को ऐसी मौसमी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं, जबकि तेलंगाना में 15 से 17 सितंबर के दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने के आसार हैं। भारी बारिश की बात करें तो तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 15 से 20 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। केरल और माहे में 15-16 सितंबर तथा 19-20 सितंबर के दौरान भारी बारिश होने की संभावना है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 15 सितंबर को भारी बारिश के आसार हैं। तेलंगाना में 15 सितंबर के बाद 18 और 19 सितंबर को भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 19 से 20 सितंबर के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
