Kal Ka Mausam: उत्तर-पश्चिम भारत में होगा कोल्ड वेव का तेज अटैक, धूप से भी नहीं मिलेगी राहत; IMD का वेदर अलर्ट!

Kal Ka Mausam, 13 January 2026, कल का मौसम कैसा रहेगा, Aaj Aur Kal ka Mausam kaisa Rahega: उत्तर भारत में इन दिनों सुबह और शाम की कड़ाके की ठंड लोगों के लिए परेशानी बनी हुई है। दिल्ली-एनसीआर में धूप के बावजूद ठिठुरन का असर जारी है, जबकि यूपी और अन्य राज्यों में भी सर्दी का प्रकोप महसूस किया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और पंजाब जैसे क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक शीतलहर, कोहरा और ठंड की स्थिति बरकरार रहने का अलर्ट जारी किया है।

Kal Ka Mausam (कल का मौसम कैसा रहेगा): इन दिनों सुबह-शाम की ठंड का सितम जारी है। दिल्ली एनसीआर में भले ही धूप हो रही है लेकिन सिहरन से अब भी लोग बेहाल हैं। यही सिलसिला यूपी और उत्तर भारत के अन्य राज्यों में भी है। पिछले 24 घटों के दौरान, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के अनेक क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में भी कड़ाके की ठंड देखी गई। वहीं पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर तापमान 1 से 5 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। पूर्वी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, मध्य प्रदेश और गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में कई जगहों पर ठंड का असर बना रहा। असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, झारखंड, गुजरात क्षेत्र तथा उत्तरी ओडिशा के कुछ हिस्सों में भी न्यूनतम तापमान कम दर्ज किया गया।

Kal Ka Mausam 13 January 2026

कल का मौसम 13 जनवरी 2026

इसके अलावा मध्य महाराष्ट्र और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में अलग-अलग स्थानों पर तापमान 5 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार तथा सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 3 से 6 डिग्री सेल्सियस कम रहा, जबकि देश के अन्य हिस्सों में तापमान सामान्य के आसपास दर्ज किया गया। देश के मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान पंजाब के बठिंडा में 0.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। निचले ट्रोपोस्फियर स्तर पर कोमोरिन क्षेत्र तथा उसके आसपास ऊपरी वायुमंडल में एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। समुद्र तल से लगभग 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 100 नॉट की गति वाली शक्तिशाली सबट्रॉपिकल पश्चिमी जेट स्ट्रीम उत्तर-पूर्व भारत के ऊपर बह रही है। मध्य ट्रोपोस्फियर की पश्चिमी हवाओं में एक ट्रफ के रूप में पश्चिमी विक्षोभ लगभग 65° पूर्वी देशांतर के साथ और 30° उत्तरी अक्षांश के उत्तर में स्थित है। इसके अतिरिक्त निचले ट्रोपोस्फियर स्तर पर उत्तरी हरियाणा एवं आसपास के क्षेत्रों में भी ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। 15 जनवरी 2025 से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रवेश की संभावना जताई गई है।

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