Kal Ka Mausamm (कल का मौसम कैसा रहेगा) : अप्रैल का महीना मौसम के लिहाज से काफी अहम होगा। कयास लगाए जा रहे हैं कि अप्रैल भीषण गर्मी के बीच बीतेगा। आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक, अप्रैल में जून जैसी गर्मी का एहसास होगा। हालांकि, मार्च में अचानक बढ़ी गर्मी पर पिछले 3 से 4 दिन के बीच थोड़ा ब्रेक लगा है। मंगलवार से बुधवार तक तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और लक्ष्यदीप में तेज बारिश दर्ज की गई। आईएमडी ने गुरुवार को यूपी, बिहार और राजस्थान के कुछ हिस्सों में आंधी के साथ बारिश की संभावना व्यक्त की है। उधर, हिमाचल में भी बारिश के साथ बर्फबारी का पूर्वानुमान बना हुआ है। स्काईमेट के मुताबिक अगले 3 से 4 दिन के दौरान देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर शुरू हो सकता है। 3 अप्रैल को बारिश की गति बढ़ेगी। तेलंगाना, कर्नाटक में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना है। इस दौरान आंधी के साथ आसमान में गरज और चमक के साथ काले बादल देखे जाएंगे। अगले 24 घंटे की बात करें तो मध्य प्रदेश, तेलंगाना, केरल, गोवा, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। इस दौरान आंधी के साथ आकाशीय बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना है।
कल का मौसम
उत्तर प्रदेश कल का मौसम
यूपी में मौसमी गतिविधि देखने को मिल सकती हैं। पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी, जिससे मौसम का मिजाज थोड़ा नर्म रहेगा। सुबह गुलाबी ठंडक का एहसास होगा। हालांकि, अगले 3 से 4 दिन के दौरान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तापमान में बढ़ोतरी होगी। हालांकि, 3 अप्रैल को बादलों की आवाजाही के साथ हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, जिससे तापमान थोड़ा स्थिर रहेगा। लेकिन, आने वाले समय में 7 अप्रैल तक मौसम शुष्क होगा।
बिहार का मौसम
कमोबेश यही हालात बिहार का है। बिहार के विभिन्न जिलों में तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। लेकिन, 3 से 4 अप्रैल को पश्चिमी हिस्से में मौसम का मिजाज बिगड़ेगा। आईएमडी के मुताबिक, औरंगाबाद, कैमूर, नवादा, गया और बक्सर में मेघ गर्जन के साथ तेज हवाएं और बूंदाबांदी के आसार हैं। राज्य के अन्य हिस्सों में आंशिक तौर पर बादल छाए रहेंगे।
राजस्थान में कैसा रहेगा मौसम
राजस्थान में आने वाले दिनों में तापमान रिकॉर्ड स्तर पर होगा। लेकिन, अगले 3 से 4 दिन लू थमी रहेगी। 3 अप्रैल को अलवर और भरतपुर में गरज चमक के साथ हल्की बारिश की बौछारें पड़ेंगी। लेकिन, इससे तापमान में अधिक फर्क नजर नहीं आएगा। लेकिन, 5 अप्रैल के बाद मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। कयास लगाए जा रहे हैं कि अप्रैल के दूसरे हिस्से में प्री मॉनसून की गतिविधियां शुरू हो सकती है। इस दौरान तेज धूल भरी आंधी, मेघ गर्जन और आकाशीय बिजली गिरने के साथ ओलावृष्टि होगी, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिलेगी।
दिल्ली कल का मौसम
दिल्ली में बुधवार को न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के औसत से 4.6 डिग्री कम है। आईएमडी ने दिन में मुख्यत: आसमान साफ रहने का अनुमान जताया है। सुबह साढ़े आठ बजे सापेक्षिक आर्द्रता 50 प्रतिशत दर्ज की गई। आईएमडी ने कहा कि अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है।
दिल्ली में कितना प्रदूषण?
दिल्ली में वायुमंडल में धुएं और धुंध की चादर धीरे-धीरे छट रही है। गर्म होते मौसम के साथ प्रदूषण का स्तर घटता जा रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि लू चलने से पॉल्यूशन का लेवल पूरी तरह से कम हो जाएगा। बुधवार को एक्यूआई 201 रहा जो ‘खराब’ की श्रेणी में आता है। सीपीसीबी के अनुसार, शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच को ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच को ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच को ‘खराब’, 301 से 400 के बीच को ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच को ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है।
जम्मू-कश्मीर का मौसम
जम्मू-कश्मीर में पिछले दिनों बारिश के साथ बर्फबारी होने से गिरा तापमान अब धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। घाटी के ज्यादातर हिस्सों में दिन में तापमान 3 से 6 डिग्री से ऊपर चल रहा है। आगामी दिनों में मौसम शुष्क रहेगा और धूप निकलने से सूरज की तपिश बढ़ेगी। हालांकि, कश्मीर में तापमान 1 से 2 डिग्री सेल्सियस के आसपास तापमान बना रहने से मौसम खुशनुमा है।
हिमाचल प्रदेश में कैसा है मौसम?
हिमाचल प्रदेश में अगले 3 से 8 अप्रैल तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा। आईएमडी के मुताबिक, कुल्लू, कांगड़ा, लाहौल स्पीति और किन्नौर जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ बर्फबारी के आसार हैं। लेकिन, अन्य इलाकों में मौसम साफ रहने की संभावना है। अगले 24 घंटों के दौरान पहाड़ी इलाकों में 2 से 3 डिग्री तापमान गिर सकता है, जिससे ठंड का एहसास होगा। कल्पा में सबसे कम 4 डिग्री सेल्सियस तापमान है। उधर, ताबो में माइनस 17 डिग्री सेल्सियस तापमान बना हुआ है।
| शहर का नाम | न्यूनतम तापमान | अधिकतम तापमान |
| ताबो (हिमाचल) | -17 °C | 0 °C |
| कश्मीर | 2 °C | 14 °C |
| देहरादून | 13 °C | 30 °C |
| चंडीगढ़ | 17 °C | 33 °C |
| दिल्ली | 17 °C | 35 °C |
| मुंबई | 27 °C | 34 °C |
| पटना | 22 °C | 34 °C |
| भोपाल | 22 °C | 33 °C |
| जयपुर | 24 °C | 35 °C |
कहां लू अलर्ट?
स्काईमेट ने बताया कि पिछले 2 से 3 दिन से आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, ओडिशा और गुजरात के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। ओडिशा में 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर तापमान पहुंच गया है, जो सामान्य से 4 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक है। इन राज्यों में भीषण गर्मी का अलर्ट है। आईएमडी ने आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान रिकॉर्ड तोड़ सकता है।
कब आएगा प्री मॉनसून?
मध्य भारत के कुछ भागों में 19 मार्च से प्री मॉनसून संकेत मिल रहे हैं। इनमें बंगाल, छत्तीसगढ़, ओडिशा, एमपी का पूर्वी भाग, तेलंगाना और पूर्वी भारत में प्री मॉनसून एक्टिव हो सकता है। 19 मार्च से पहाड़ी राज्य कश्मीर, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में नए पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से एक बार फिर बादलों की आवाजाही शुरू होगी, जिससे हल्की बारिश का पूर्वानुमान है। जम्मू-कश्मीर में हल्की बर्फबारी हो सकती है।
सनबर्न क्या होता है?
गर्मियों के मौसम में सनबर्न का अलर्ट रहता है। सनबर्न त्वचा के लिहाज से काफी हानिकारक होती है। चिकित्सा की भाषा में इसे डर्माटाइटिस सोलारिस कहा जाता है। सनबर्न सूरज की यूवी किरणों के ज्यादा संपर्क में आने से होती है। इससे स्किन पर इरिटेशन होने लगती है, जिससे त्वचा में छाले, सूजन और लाल दाग पड़ने लगते हैं और दर्द होने लगता है। कुल मिलाकर स्किन झुलस जाती है, जिससे उसका कलर डार्क हो जाता है।
हीटवेव क्या है?
भीषण गर्मियों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया जाता है। हीटवेट तब होती है जब किसी खास जगह पर तीन दिन तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान असामान्य रूप से गर्म होता है। इसे उस क्षेत्र की स्थानीय जलवायु और पिछले मौसम के संबंध में माना जाता है। इस दौरान तापमान सामान्य औसत से अधिक पहुंच जाता है तो उसे हीटवेव कहा जाता है। खासकर, मार्च से जून के दौरान और कुछ दुर्लभ मामलों में जुलाई के महीने में ये स्थिति बनती है। हीटेवव के दौरान लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है। आमतौर पर शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होने पर पानी की कमी बुखार, उल्टी, दस्त, थकान, कमजोरी इत्यादि लक्षण दिखाई देते हैं।
हॉट डे क्या होता है?
हॉट डे की स्थिति तब होती है, जब अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रहता है और न्यूनतम तापमान सामान्य औसत से 5 डिग्री सेल्सियस के बराबर या उससे भी अधिक होता है। इस दौरान अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है। आमतौर पर अप्रैल से जून के बीच ये स्थिति देखी जाती है। मौसम विभाग ऐसा तापमान देख हॉट डे घोषित कर देता है।
