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Jharkhand News: JSSC CGL रद्द होने के बाद अब किन मांगों को लेकर हड़ताल पर अड़े हैं छात्र

JSSC CGL परीक्षा रद्द होने के बाद भी झारखंड में छात्रों का आंदोलन 25वें दिन जारी है। आमरण अनशन पर बैठे 5 छात्रों में से 3 ने अनशन समाप्त कर दिया है, जबकि 2 का अनशन अभी जारी है। जानिए अब कौन सी मांगें बची हैं।

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झारखंड सरकार ने रद्द की JSSC CGL परीक्षा, आंदोलन जारी

हमारा अनशन टूटा है, आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। JSSC-CGL परीक्षा रद्द होने के बाद देवेंद्र महतो (Devendra Mahto) ने अपना अनशन खत्म कर दिया है। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया है कि उनका आंदोलन खत्म नहीं हुआ है, यह जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि छात्र आगे भी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखेंगे। महतो के अनुसार छात्र इस आंदोलन को और मजबूती के साथ आगे बढ़ाएंगे। मांग पूरी होने के बाद भी आखिर छात्र अब भी अनशन पर क्यों अड़े हैं? चलिए जानते हैं इस प्रश्न का उत्तर।

छात्रों ने झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता को लेकर आंदोलन शुरू किया था। आज उनके आंदोलन का 25वां दिन है। देर रात लगभग 1 बजे झारखंड सरकार सरकार ने आंदोलनकारी छात्रों से बात की। सरकार की तरफ से दो मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और डॉ. इरफान अंसारी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। यहां पहुंचकर उन्होंने आमरण अनशन पर बैठे छात्र नेताओं से बात की और उनका अनशन समाप्त कराया।

दो मंत्रियों की पहल और JSSC CGL परीक्षा रद्द होने के बाद इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्र महतो ने आखिर 24 दिन बाद अपना अनशन समाप्त किया। फिर अस्पताल में भर्ती हबीबा और राहुल ने भी अपना अनशन समाप्त कर दिया। इस तरह अनशन कर रहे पांच छात्रों में से तीन ने अपना अनशन खत्म कर दिया, जबकि 2 छात्र अब भी अनशन जारी रखे हुए हैं। उनका कहना है कि मांगें पूरी होने तक वह अनशन समाप्त नहीं करेंगे।

JSSC CGL परीक्षा रद्द करने की छात्रों की मांग पूरी हो चुकी है। छात्रों की मांग प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता की जांच CBI से कराने की भी है, जिसे पूरा नहीं किया गया है। इसके अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं की ओवरहॉलिंग और जवाबदेही तय करने की भी मांग छात्रों ने उठाई है।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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