Jodhpur: राजस्थान में सरकारी अस्पतालों के ऑपरेशन थिएटरों (OT) में सुरक्षा और संक्रमण नियंत्रण को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कोटा और बीकानेर की हालिया घटनाओं के बाद, अब जोधपुर के पावटा स्थित जिला अस्पताल से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां शनिवार को सिजेरियन सेक्शन कराने वाली 8 महिलाओं की ऑपरेशन के कुछ ही समय बाद अचानक तबीयत बिगड़ गई। इस घटना से अस्पताल प्रशासन और पीड़ित परिवारों में हड़कंप मच गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दो प्रसूताओं की गंभीर स्थिति को संभालते हुए उन्हें तुरंत मथुरादास माथुर (MDM) अस्पताल के ICU में शिफ्ट किया गया है, जहां डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनकी निगरानी कर रही है।
ऑपरेशन के बाद प्रसूताओं की हालत गंभीर
2 प्रसूताओं की हालत नाजुक
जोधपुर के संपूर्णानंद (SN) मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रभावित महिलाओं को तुरंत बेहतर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई है। ICU में भर्ती कराई गई दो महिलाओं की स्थिति को लेकर उन्होंने बताया कि एक प्रसूता को ऑपरेशन के बाद अत्यधिक ब्लीडिंग की समस्या शुरू हो गई थी। वहीं, दूसरी महिला पहले से ही डायबिटीज से पीड़ित थी, जिसकी वजह से उसका ब्लड प्रेशर (BP) खतरनाक स्तर तक लो हो गया। प्रारंभिक लक्षणों को देखते हुए डॉक्टरों ने प्रसूताओं में किडनी इन्फेक्शन की आशंका जताई है। बाकी बची 6 महिलाओं की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है और उनका इलाज पावटा अस्पताल में ही विशेषज्ञों की देखरेख में जारी है।
सुरक्षा के तौर पर ऑपरेशन थिएटर बंद
अस्पताल में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में प्रसूताओं की हालत बिगड़ने के पीछे किसी गंभीर मेडिकल इन्फेक्शन को मुख्य वजह माना जा रहा है। अस्पताल प्रशासन ने एहतियात के तौर पर बड़ा कदम उठाते हुए पावटा अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है।
ओटी के भीतर इस्तेमाल होने वाले उपकरणों, हवा और पानी के सैंपल लेकर उन्हें माइक्रोबायोलॉजी लैब में कल्चर टेस्ट के लिए भेजा गया है, ताकि संक्रमण के सटीक स्रोत का पता लगाया जा सके। स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों ने भी इस मामले पर संज्ञान लिया है और जांच रिपोर्ट आने तक अस्पताल में नए सर्जिकल ऑपरेशनों पर रोक लगा दी गई है।
