झारखंड में आज का मौसम (07 Jan 2026): झारखंड में सर्दी ने अपना सबसे कठोर रूप दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण राज्य के अधिकांश इलाकों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। मौसम विभाग ने साफ किया है कि अगले दो दिनों तक ठंड से राहत की उम्मीद कम है। राजधानी रांची समेत कई जिलों में शीतलहर को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है, जिससे लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
आधे से अधिक राज्य में कोल्ड डे का येलो अलर्ट (AI Image)
कई इलाकों में तापमान 5 डिग्री से नीचे
राज्य में रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। कुछ इलाकों में पारा रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। मैक्लुस्कीगंज, गुमला, खूंटी और हजारीबाग जैसे क्षेत्रों में ठंड ने लोगों की कंपकंपी छुड़ा दी है। कई जिलों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री से नीचे चला गया है, जबकि अधिकांश जिलों में यह 10 डिग्री से भी कम रिकॉर्ड किया गया है। ठंडी रातों के साथ दिन में भी गलन बनी हुई है।
कोहरा और सर्द हवाओं से जनजीवन प्रभावित
सुबह और शाम घने कोहरे के कारण दृश्यता काफी कम हो रही है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर देर सुबह तक धूप नहीं निकल पाती, जिससे ठंड और अधिक महसूस की जा रही है। हवाई सेवाओं पर भी कोहरे का असर देखा गया है। लोग घरों से निकलते समय गर्म कपड़ों और अलाव का सहारा लेने को मजबूर हैं।
अलर्ट वाले जिले और आगे का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को रांची, पलामू, गढ़वा, चतरा, कोडरमा, हजारीबाग, गुमला, खूंटी, लोहरदगा, लातेहार, बोकारो, धनबाद और रामगढ़ सहित कई जिलों में शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है। गुरुवार से कुछ इलाकों में न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी के संकेत हैं, जिससे ठंड से थोड़ी राहत मिलने की संभावना है। हालांकि कुछ जिलों में शीतलहर का असर बना रह सकता है।
तेज ठंड और कनकनी को देखते हुए राज्य सरकार ने पहले ही सभी श्रेणी के स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें और बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें।
कोल्ड डे क्या होता है?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जब मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाए और अधिकतम तापमान सामान्य से 4.5 से 6.5 डिग्री तक कम रहे, तो उस दिन को ‘कोल्ड डे’ कहा जाता है। इस स्थिति में दिन में भी रात जैसी ठंड महसूस होती है और गलन बढ़ जाती है।
