Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास घर बनाने का सपना देख रहे हैं तो आपके लिए बड़ी खुशखबरी है। आप तो बस जेब में रुपये तैयार रखो, क्योंकि आवासीय भूखंड (Residential Plots) की योजना जल्द ही आने वाली है। दरअसल यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) जेवर के सेक्टर-5 में आवासीय भूखंड की दो नई योजनाएं लाने की तैयारी कर रहा है। इन योजनाओं में अलग-अलग श्रेणी के 40 से 300 वर्गमीटर तक के प्लॉट शामिल होंगे। इससे एयरपोर्ट के पास अपना घर बनाने की आपकी इच्छा की पूर्ति हो सकती है।
जेवर एयरपोर्ट के पास अपना घर बनाने का मौका जल्द आने वाला है
यीडा अधिकारियों के मुताबिक, दोनों योजनाओं में अलग-अलग श्रेणी के प्लॉट रखे जाएंगे। इनमें सामान्य आवासीय श्रेणी के साथ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए भी प्लॉट योजना लाने की तैयारी है। प्राधिकरण की योजना को लेकर आंतरिक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
एयरपोर्ट के पास घर बनाने का मिलेगा मौका
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन शुरू हो चुका है। जेवर एयरपोर्ट का संचालन शुरू होने के साथ ही यहां आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों (Commercial Activities) के बढ़ने की उम्मीद है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी सहित कई बड़ी परियोजनाओं पर भी तेजी से काम चल रहा है। ऐसे में जेवर और आसपास के क्षेत्रों में आवासीय भूखंडों की मांग बढ़ने की संभावना है।
प्रस्तावित योजना का एक प्रमुख आकर्षण यह है कि सेक्टर-5 एयरपोर्ट से लगभग पांच मिनट की दूरी पर बताया गया है। यहां जापानी सिटी भी प्रस्तावित है। यीडा इस सेक्टर में दो तरह की आवासीय भूखंड योजनाएं लाने की तैयारी कर रहा है।
सामान्य श्रेणी में 162 से 300 वर्गमीटर तक प्लॉट
प्रस्तावित सामान्य आवासीय योजना में न्यूनतम 162 वर्गमीटर और अधिकतम 300 वर्गमीटर के प्लॉट शामिल किए जाएंगे। वहीं, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए अलग योजना लाने की तैयारी है, जिसमें 40 वर्गमीटर के रेजिडेंशियल प्लॉट प्रस्तावित हैं। अधिकारियों के मुताबिक, EWS योजना सेक्टर-5 में ही लाई जाएगी। इसमें आवेदकों के लिए आय सीमा निर्धारित की जाएगी। इस संबंध में जल्द फैसला लिए जाने की संभावना है।
इस बार पुराने आवंटियों को नहीं मिलेगा मौका
योजना से जुड़ी एक बहुत ही अहम बात यह है कि जिन लोगों को पहले यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में आवासीय भूखंड आवंटित हो चुके हैं, उन्हें इन नई योजनाओं में दोबारा आवेदन का मौका नहीं मिलेगा। यही नहीं नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के पुराने आवंटी भी इस व्यवस्था के दायरे में आएंगे।
प्राधिकरण के अनुसार, पुराना आवंटन रखने वाले आवेदकों को अलग रखने के लिए संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जाएगी। नई योजनाओं में आवेदन प्रक्रिया और अन्य शर्तों के बारे में विस्तार से जानकारी योजना जारी होने के बाद ही सामने आएगी। लेकिन इस नवरात्र आप जेवर क्षेत्र में निवेश के लिए रुपये तैयार रखें।
