Rajasthan Ka Mausam (राजस्थान में आज का मौसम कैसा रहेगा) 31-July-2025: राजस्थान में भारी बारिश का कहर जारी है। जिसके चलते नदियां उफान पर है और कई बांधों के गेट खोल दिये गये हैं। कुछ जगहों पर बाढ़ जैसे हालात भी देखने को मिल रहे हैं। बारिश का मौसम अब लोगों के लिए आफत बनता जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के कई जिलों में बारिश का रेड अलर्ट जारी किया जा रहा था। हालांकि आज से बारिश की गतिविधियों में कमी देखने को मिल सकती है। आज राजस्थान में कहीं भी रेड अलर्ट जारी नहीं किया गया है। लेकिन भारी बारिश का सिलसिला आज जारी रहने वाला है।
राजस्थान में भारी बारिश का अलर्ट (AI Image)
राजस्थान के किन जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने गुरुवार को अजमेर, जयपुर, बीकानेर और जोधपुर संभाग में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान जताया है। आज अजमेर, जयपुर, सीकर, चूरू, पाली और नागौर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा जोधपुर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, टोंक, राजसमंद, दौसा, बूंदी, भीलवाड़ा, अलवर और झुंझुनूं में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। कल से बारिश में कमी देखने को मिल सकती है। राजस्थान में शुक्रवार को सिर्फ 8 जिलों में ही भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
राजस्थान में कहां-कहां हुई बारिश
न्यूज एजेंसी भाषा के अनुसार राजस्थान में पिछले 24 घंटे में सवाई माधोपुर, बारां और टोंक के कई स्थानों पर 150 मिलीमीटर से भी ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। भारी बारिश के मद्देनजर टोंक के बीसलपुर बांध के तीन गेट खोले गये हैं और प्रत्येक गेट एक मीटर तक खोला गया है तथा 18,030 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं धौलपुर में चंबल नदी का जल स्तर खतरे के निशान 130.79 मीटर से 9.36 मीटर ऊपर 140.15 मीटर दर्ज किया गया। चंबल नदी करौली व सवाई माधोपुर जिले में भी खतरे के निशान से कई मीटर ऊपर बह रही है। कोटा में पार्वती नदी का जल स्तर खतरे के निशान से 3.35 मीटर ऊपर दर्ज किया गया और कोटा बैराज की गेट संख्या आठ व नौ को 16 फुट तक खोला गया है तथा 19,236 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
मानसून जनित हादसों से सुरक्षा के लिए प्रयास जारी
एक प्रवक्ता के अनुसार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश के बाद राज्य के आपदा प्रबंधन एवं राहत विभाग के अधिकारियों ने लोगों को मानसून जनित हादसों से सुरक्षित रखने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास शुरू कर दिए हैं। कोटा जिले में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की एक टीम, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की तीन टीम एवं नागरिक सुरक्षा के 21 स्वयंसेवकों को तैनात किया जा चुका है। वहीं धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, टोंक में भी एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए एनडीआरएफ के कमांडेट (वडोदरा) से दो टीमों की अतिरिक्त मांग की गयी है। आपदा प्रबंधन एवं राहत विभाग के अनुसार, लोग बाढ़ बचाव व राहत के लिए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष टोल फ्री नंबर 1070 एवं जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष टोल फ्री नम्बर 1077 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
(इनपुट - भाषा)
