Maha Shivaratri 2023: जयपुर के इस मंदिर के पट केवल महाशिवरात्रि के दिन खुलते हैं, ये है इसके पीछे की वजह, जानें पूरी कहानी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 16, 2023, 03:10 PM IST

Maha Shivaratri 2023: एकलिंगेश्वर महादेव मंदिर जयपुर के मोती डूंगरी एक पहाड़ी पर बना हुआ है। जिसे शंकर गढ़ी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। आम श्रद्धालुओं के लिए ये साल में एक बार शिवरात्रि के मौके पर ही दर्शनार्थ खुलता है। राज परिवार के लोग हर साल सावन के महीने में सहस्त्रघट रुद्राभिषेक जैसे धार्मिक आयोजन भी करवाते थे। इसकी स्थापना जयपुर से भी पहले की गई थी।

KEY HIGHLIGHTS
  • आम श्रद्धालुओं के लिए साल में एक बार शिवरात्रि पर खुलता है मंदिर
  • इतिहाकारों के मुताबिक मंदिर जयपुर की स्थापना से भी पहले का है
  • यहां पर सावन में जयपुर का शाही परिवार सहस्त्रघट रुद्राभिषेक करवाता था


Maha Shivaratri 2023: राजस्थान की राजधानी जयपुर वैसे तो अपने राजसी वैभव के प्रतीक प्राचीन किलों, महलों व बेहद खूबसूरत इमारतों के लिए प्रसिद्ध है। मगर, इस शहर में कई मंदिर ऐसे भी हैं, जो इन किलों और महलों से भी पुराने हैं। महाशिव रात्रि पर्व आने वाला है, ऐसे में आपको एक ऐसे ही दुर्लभ बाबा भोले नाथ के मंदिर के बारे में बताते हैं, जिसका वैभव जयपुर से भी पुराना है।

Eknath Shiv Temple Jaipur

जयपुर से भी पुराना है एकलिंगेश्वर महादेव मंदिर (फाइल फोटो)

ये मंदिर है एकलिंगेश्वर महादेव का। मंदिर जयपुर के मोती डूंगरी क्षेत्र में स्थित है। जिसे शंकर गढ़ी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। एकलिंगेश्वर महादेव का मंदिर एक पहाड़ी पर बना हुआ है। पहाड़ी के निचले इलाके में बना है खूबसूरत बिड़ला मंदिर है। वहीं बिड़ला मंदिर के नजदीक ही स्थित है जयपुर के प्रथम पूज्य गणेश जी का मंदिर। एकलिंगेश्वर मंदिर की खास बात ये है कि, आम श्रद्धालुओं के लिए ये साल में एक बार शिवरात्रि के मौके पर ही दर्शनार्थ खुलता है।

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