Jaipur: राजधानी जयपुर में एक लेपर्ड ने मासूम की जान ले ली। दरअसल घर में बच्चा अपनी मां के पास खेल रहा था, इसी बीच लेपर्ड तेजी से घर में आया व बच्चो को मुंह में पकड़ कर ले गया। अपने कलेजे के टूकड़े को बचाने के लिए मां लेपर्ड के पीछे भी भागी लेकिन वह उसे बचा नहीं सकी।
जयपुर में घर से उठा ले गया डेढ साल के मासूम को लेपर्ड (सांकेतिक तस्वीर)
मां रोती- बिलखती रही। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। ये दिल दहला देने वाली घटना जयपुर के जमवारामगढ़ इलाके की है। इधर, वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक मैन ईटर बन चुके लेपर्ड को महकमे के कार्मिकों की चल रही हड़ताल की वजह से नहीं पकड़ा जा सकता।
जानें कैसे हुई घटना
जमवरामगढ़ इलाके के गांव वासना निवासी मासूम के पिता बलराम के मुताबिक उसका डेढ साल का बेटा कार्तिक घर के आंगन में खेल रहा था। उनकी पत्नी पास की घर के काम निपटा रही थी। इसी बीच लेपर्ड दबे पांव चुपके से उनके घर में घुसा और बेटे का उठा ले गया। बच्चा चीखा तो उनकी पत्नी लेपर्ड के पीछे दौड़ी और जो से चिल्लाई। शोर- शराबा सुनकर ग्रामीण भी लेपर्ड के पीछे हुए, मगर लेपर्ड तब तक जंगल में चला गया व मासूम को बुरी तरह से जख्मी कर दिया। इसके बाद लोगों की आवाज से घबराकर लेपर्ड बच्चे को छोड़कर घने जंगल की तरफ भाग गया।
दर्द से कहराता रहा मासूम
मृतक के पिता के मुताबिक ग्रामीण बच्चे को उठाकर कूकस में एक निजी अस्पताल में लेकर गए। जहां से उसे सवाई मान सिंह अस्पताल रेफर दिया, जहां पर इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। लेपर्ड के हमले से बच्चे के सिर और मुंह पर गहरे घाव हो गए। वह दर्द से कहरा रहा था। रेंजर रामकरण मीणा के मुताबिक गांव सेंचुरी इलाके के बहुत नजदीक है। यही वजह है कि, शिकार की तलाश मंे लेपर्ड गांव में पहुंच गया। वहीं जमवारामगढ़ के रेंजर के मुताबिक लेपर्ड का आड़ा डूंगर इलाके में मूवमेंट है, बहरहाल उसे नहीं पकड़ा जा सकता। जिसकी वजह है महकमे के कार्मिक हड़ताल पर चल रहे हैं। इसस पहले भी सेंचुरी से लगते कई इलाकों में ये मैन ईटर लेपर्ड देखा गया है।
