SIR प्रक्रिया का बोझ बना जानलेवा, जयपुर के टीचर ने की आत्महत्या; सुसाइड नोट में खुला सिस्टम का सच

राजस्थान के जयपुर में एक सरकारी शिक्षक ने लगातार बढ़ते दफ्तर के दबाव से तंग आकर दुखद रूप से अपनी जान दे दी। बताया जा रहा है कि मतदाता सूची की SIR प्रक्रिया के दौरान उन पर काम का अत्यधिक बोझ और निलंबन की धमकियों का तनाव था। घटना के बाद मिले सुसाइड नोट ने प्रशासनिक दबाव की गंभीरता को उजागर कर दिया है।

Jaipur News: राजस्थान के जयपुर में एक सरकारी स्कूल के शिक्षक ने कथित रूप से लगातार मिल रहे दफ्तर के दबाव से तंग आकर जान दे दी। जानकारी के मुताबिक, वह शिक्षक मतदाता सूची की SIR प्रक्रिया के दौरान बीएलओ की जिम्मेदारी संभाल रहा था। बताया जा रहा है कि सुपरवाइजर की ओर से काम पूरा करने के लिए बार-बार दबाव बनाया जा रहा था और निलंबन की धमकी भी दी जा रही थी। इसी तनाव के बीच शिक्षक मुकेश जांगिड ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को उसकी जेब से एक नोट भी मिला है, जिसे सबूत के रूप में जब्त कर लिया गया है।

Jaipur Government Teacher Suicides (Symbolic Photo: iStock)

वर्क प्रेशर के चलते सरकारी शिक्षक ने की आत्महत्या (प्रतीकात्मक फोटो: iStock)

पुलिस घटना की जांच कर रही है, लेकिन मृतक के ताऊ भंवरलाल का कहना है कि अभी तक किसी भी तरह की FIR दर्ज नहीं की गई है। उनके अनुसार, 45 वर्षीय मुकेश जांगिड़ राजकीय प्राथमिक विद्यालय नाहरी का बास में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे और साथ ही मतदाता सूची की SIR प्रक्रिया के तहत बीएलओ की जिम्मेदारी भी निभा रहे थे। बताया गया कि मुकेश रविवार तड़के करीब 4:30 बजे अपने काम के सिलसिले में मोटरसाइकिल से घर से निकले थे। कुछ देर बाद बिंदायका फाटक के पास उन्होंने ट्रेन के सामने कूदकर अपनी जान दे दी। मृतक के भाई गजानंद ने बताया कि मुकेश पिछले कई दिनों से बेहद तनाव में था और मानसिक रूप से परेशान चल रहा था।

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